वर्ण विचार - CBSE Hindi Grammar Class 6

Here you will get CBSE Class 6 Hindi Grammar वर्ण विचार through which one can easily improve their knowledge of हिंदी व्याकरण. You can freely PDF Download of Class 6 Hindi Grammar from here and do good in the exams.

वर्ण विचार - CBSE Hindi Grammar Class 6


वर्ण की परिभाषा - भाषा की सबसे छोटी इकाई है जिसके टुकड़े नहीं किये जा सके, उसे वर्ण कहते हैं| जैसे - अ, क्, ख्, आ आदि|

• दूसरे शब्दों में हम यह भी कह सकते हैं की वर्ण ध्वनि है चूँकि यह भाषा की सबसे छोटी इकाई है|

वर्णमाला

वर्णों के समूह को वर्णमाला कहा जाता है। हर भाषा की अपनी एक वर्णमाला होती है।

हर भाषा की अपनी वर्णमाला होती है| जैसे -
• हिंदी - अ, आ, क, ख...
• अंग्रेजी - A, B, C, D....

हिंदी वर्णमाला के दो प्रकार की होती है:
(i) स्वर 
(ii) व्यंजन

वर्णमाला में उच्चारण के आधार पर 45 वर्ण होते हैं जिनमें 10 स्वर और 35 व्यंजन होते हैं। लेखन के आधार पर 52 वर्ण होते हैं इसमें 13 स्वर , 35 व्यंजन तथा 4 संयुक्त व्यंजन होते हैं।

स्वर – अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ (11)

व्यंजन- कवर्ग - क् ख् ग् घ् ङ्
चवर्ग - च् छ् ज् झ् ञ
वर्ग - ट् ठ् ड् ढ् ण् (ड, ढ़ - अन्य व्यंजन)
तवर्ग - त् थ् द् ध् न्प
वर्ग - प् फ् ब् भ् म्
तःस्थ- य् र् ल् व्
ऊष्म - श् ष् स् ह् (33)

अनुस्वार- (अं), (अँ ) तथा विसर्ग (अः) अयोगवाह कहलाते हैं।

स्वर वर्ण

स्वर किसे कहते हैं?

जिन वर्णों को स्वतंत्र रूप से बोला जा सके उसे स्वर कहते हैं।
जैसे - अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ|

स्वरों के तीन भेद होते हैं-

(i) ह्रस्व स्वर - जिनके उच्चारण में सबसे काम समय लगता है, उसे ह्रस्व स्वर कहते हैं| इनकी संख्या चार है - अ आ इ ई|

(ii) दीर्घ स्वर - जिनके उच्चारण में ह्रस्व स्वरों के उच्चारण से दुगुना समय लगता है। इनकी संख्या सात है - आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ।।

(iii) प्लुत स्वर - जिनके उच्चारण में ह्रस्व और दीर्घ स्वरों के उच्चारण से तिगुना समय लगता हैं| जैसे-ओऽम्। इनका उच्चारण प्रायः दूर से पुकारने के लिए होता है।

अयोगवाह

जो वर्ण बिना किसी अन्य वर्ण का आधार लिए नहीं बोले जा सकते, उन्हें अयोगवाह कहते हैं। अं और अ: अयोगवाह हैं। अं को अनुस्वार तथा अः को विसर्ग कहा जाता है। जैसे-
• अं (अनुस्वार) इसमें अनुस्वार का बिंदु अ अक्षर का सहारा लिए हुए हैं।
• अः (विसर्ग) दोनों बिंदु (:) अ अक्षर का सहारा लिए हुए हैं।

• अनुस्वार (अं) - इनका उच्चारण करते समय साँस केवल नाक से निकलता है। जैसे - अंक, रंग, संग। 

• अनुनासिक (अँ) - इनका उच्चारण मुख और नाक दोनों से मिलकर होता है। जैसे - चाँद, साँप, ऊँचाई।

व्यंजन वर्ण

जिन वर्णों को बोलने में स्वर की सहायता ली जाए, उन्हें 'व्यंजन' कहते हैं| जैसे - क (क् + अ), च (च् + अ), ट (ट् + अ), त (त् + अ), प (प् + अ) आदि।

व्यंजन के तीन भेद होते हैं-

(i) स्पर्श व्यंजन - स्पर्श का अर्थ है - छूना। जिन व्यंजनों का उच्चारण करते समय जीभ मुँह के किसी भाग से जैसे की कण्ठ, तालु, मूर्धा, दाँत, अथवा होंठों को स्पर्श करती है, उन्हें स्पर्श व्यंजन कहते है। इनकी संख्या 25 है - क से लेकर म तक|

(ii) अन्तःस्थ व्यंजन - अन्तः का अर्थ है- भीतर| जिन व्यंजनों के उच्चारण के समय जीभ मुख के किसी भाग को स्पर्श नहीं करे यानी उच्चारण मुँह के भीतर ही रहे उन्हें अन्तःस्थ व्यंजन कहते है। इनकी संख्या चार है - य, र, ल, व।

(iii) ऊष्म व्यंजन – ऊष्म का अर्थ है- गरम। जिन व्यंजनों के उच्चारण के समय वायु मुख से रगड़ खाकर ऊष्मा पैदा करती है यानी उच्चारण के समय मुख से गर्म हवा निकलती है, उन्हें ऊष्म व्यंजन कहते है। इनकी संख्या चार है - श, ष, स, ह।

संयुक्त व्यंजन

जो दो या दो से अधिक व्यंजनों से मिलकर बनते हैं; उन्हें 'संयुक्त व्यंजन' कहते हैं। इनकी संख्या चार है-
(i) क्ष = क् + ष् + अ (क्षण, क्षमा, क्षीण)
(ii) ज्ञ = ज् + अ + अ (ज्ञात, ज्ञानवर्धक, ज्ञात)
(iii) त्र = त् + र् + अ (त्रिकोण, त्रस्त, त्रयोदशी)
(iv) श्र = श + र् + अ (श्रम, श्रद्धा, श्रदांजलि)

द्वित्व व्यंजन

जब किसी व्यंजन का अपने समरूप व्यंजन से मेल होता है, तो उसे द्वित्व व्यंजन कहते हैं। द्वित्व व्यंजन का पहला व्यंजन स्वर रहित तथा दूसरा व्यंजन स्वर सहित होता है। जैसे–
च् + च = च्च (सच्चा) 

वर्णों का उच्चारण स्थान तालिका

(i) कंठ्य (गले से) - अ, आ, क, ख, ग, घ, ङ, ह, विसर्ग (:)

(ii) तालव्य (तालु से) - इ,  ई, च, छ, ज, झ, ञ, य, श

(iii) मूर्धन्य (मूर्धा से) - ऋ, ट, ठ, ड, ढ, ण, ड़, ढ़, र, ष

(iv) दंत्य (दाँतों से) - त, थ, द, ध, न, ल, स, ज

(vi) ओष्ठय (होंठों से) - उ, ऊ, प, फ, ब, भ, म

(vii) नासिक्य (नाक से) - ङ, ञ, ण, न, म, अनुस्वार (अं)

(viii) कंठ-तालव्य  - ए, ऐ

(ix) कंठौष्ठ्य (कंठ-ओष्ठ) - ओ, औ

(x) दंतोष्ठ्य (दंत-ओष्ठ) - व

वर्ण विचार से संबंधित प्रश्न और उनके उत्तर

1. स्पर्श व्यंजन कितने होते हैं?
(क) 22
(ख) 23
(ग) 24
(घ) 25
► (घ) 25

2. स्वर कितने प्रकार के होते हैं?
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) छह
► (ख) तीन

3. 'उ' किस प्रकार का स्वर है?
(क) ह्रस्व 
(ख) प्लुत
(ग) दीर्घ
(घ) उष्म
► (क) ह्रस्व

4. इनमें से कौन पवर्ग का व्यंजन है?
(क) च
(ख) ख
(ग) म
(घ) र
► (ग) म
Previous Post Next Post
X
Free Study Rankers App Download Now