Chapter 2 संघवाद Question Answer Class 10 Political Science Hindi Medium

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Chapter 2 संघवाद Question Answer Class 10 Political Science Hindi Medium

संघवाद Important Questions

अत्ति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. संघीय व्यवस्था कैसे गठित होती है ?

उत्तर

संघीय व्यवस्था तब बनती है जब दो या दो से अधिक स्वतंत्र राज्य अपनी मर्जी से एक साथ आते हैं।


प्रश्न 2. अधिकार क्षेत्र से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर 

वह क्षेत्र जिस पर किसी का कानूनी अधिकार है। क्षेत्र को भौगोलिक सीमाओं के संदर्भ में या कुछ प्रकार के विषयों के संदर्भ में परिभाषित किया जा सकता है।


प्रश्न 3. श्रीलंका में व्यावहारिक रूप से कौनसी शासन व्यवस्था है?

उत्तर

श्रीलंका में व्यावहारिक रूप से अभी भी एकात्मक शासन व्यवस्था है।


प्रश्न 4. एकात्मक शासन व्यवस्था से क्या आशय है?

उत्तर

एकात्मक व्यवस्था में शासन का एक ही स्तर होता है और बाकी इकाइयाँ उसके अधीन होकर काम करती हैं।


प्रश्न 5. चार देशों के नाम बताएँ जहाँ एकात्मक प्रकार की सरकार है।

उत्तर

एकात्मक प्रकार की सरकार वाले प्रमुख देश हैं:

  1. ब्रिटेन,
  2. इटली,
  3. जापान और,
  4. श्रीलंका।


प्रश्न 6. समवर्ती सूची से क्या आशय है?

उत्तर

समवर्ती सूची में ऐसे विषयों की सूची है जिन पर केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें दोनों कानून बना सकती हैं।


प्रश्न 7. पंचायत समिति क्या होती है ?

उत्तर

पंचायत समिति ग्राम पंचायतों का एक समूह है।


प्रश्न 8. संघवाद को परिभाषित करें।

उत्तर

संघवाद सरकार की वह प्रणाली है जिसमें सत्ता एक केंद्रीय प्राधिकरण और देश या संघ की विभिन्न घटक इकाइयों के बीच विभाजित होती है।


प्रश्न 9. ग्राम सभा क्या है ?

उत्तर

ग्राम सभा गांव के सभी वयस्क सदस्यों की एक बैठक है जिसमें लोग सीधे भाग लेते हैं और अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों से जवाब मांगते हैं।


प्रश्न 10. संघ सूची क्या है?

उत्तर

संघ सूची में राष्ट्रीय महत्त्व के 97 विषय रखे गये हैं जिन पर कानून बनाने का अधिकार केन्द्र सरकार को दिया गया है।


प्रश्न 11. राज्य सूची क्या है?

उत्तर

राज्य सूची वह सूची है जिसमें उन विषयों को गिनाया गया है जिन पर कानून बनाने का अधिकार राज्य सरकारों को दिया गया है।


प्रश्न 12. समवर्ती सूची के विषयों पर कानून कौन बनाता है ? 

उत्तर

केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार।


प्रश्न 13. भारत के राज्यों में पंचायत और नगर पालिका के चुनाव करवाने वाली संस्था का नाम क्या है ?

उत्तर

राज्य निर्वाचन आयोग


प्रश्न 14. स्थानीय शासन वाली कौन-कौन सी संस्थाएँ शहरों में काम करती हैं ?

उत्तर

नगरपालिका और नगर निगम


प्रश्न 15. ग्राम पंचायत का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु क्या है ?

उत्तर

21 वर्ष


लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. भाषायी राज्यों का गठन क्यों हुआ? इसके क्या लाभ हुए?

उत्तर

भारत में भाषायी राज्यों का गठन यह सुनिश्चित करने के लिए हुआ कि एक भाषा बोलने वाले क्षेत्र एक राज्य में आ जायें।

भाषायी राज्यों से लाभ:

  1. भाषावार राज्य बनाने से देश अधिक एकीकृत और मजबूत हुआ है।
  2. इससे प्रशासन व्यवस्था भी सुविधाजनक हो गया है। 


प्रश्न 2. राज्य सूची में रखे गये किन्हीं 5 विषयों के नाम लिखिये। 

उत्तर

राज्य सूची के 5 विषय ये हैं:

  1. पुलिस, 
  2. व्यापार, 
  3. वाणिज्य, 
  4. कृषि, 
  5. सिंचाई


प्रश्न 3. समवर्ती सूची के किन्हीं 5 विषयों को गिनाइये।

उत्तर

समवर्ती सूची के 5 विषय ये हैं:

  1. शिक्षा 
  2. वन 
  3. विवाह 
  4. मजदूर-संघ और 
  5. उत्तराधिकार


प्रश्न 4. भारतीय संघ में विशेष दर्जा प्राप्त राज्यों के बारे में बताइये।

उत्तर

भारतीय संघ के सारे राज्यों को बराबर अधिक नहीं हैं। कुछ राज्यों को विशेष दर्जा प्राप्त है, जैसे कि असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को। ये अपने विशिष्ट सामाजिक तथा ऐतिहासिक परिस्थितियों के कारण भारत के संविधान के कुछ प्रावधानों (अनुच्छेद 371) के तहत विशेष शक्तियों का लाभ उठाते हैं। ये विशेष शक्तियाँ स्वदेशी लोगों, उनकी संस्कृति और सरकारी सेवाओं में अधिमान्य रोजगार के भूमि अधिकारों के संरक्षण के लिए उपयोगी हैं।


प्रश्न 5. भारत की भाषा नीति क्या है ? 

उत्तर:

  • भारत में किसी एक भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा न देकर हिंदी और अन्य 21 भाषाओं को अनुसूचित भाषा का दर्जा दिया गया है। 
  • अंग्रेजी को राजकीय भाषा के रूप में मान्यता दी गई है, विशेषकर गैर हिन्दी भाषी प्रदेशों को देखते हुए। 
  • सभी राज्यों की मुख्य भाषा का विशेष ख्याल रखा गया है। 


प्रश्न 6. 73वें संविधान संशोधन, 1992 की प्रमुख दो विशेषताएँ लिखिये। 

उत्तर

1992 में 73वें संविधान संशोधन की दो प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-

  1. अब स्थानीय स्वशासी निकायों के चुनाव नियमित रूप से कराना संवैधानिक बाध्यता है।
  2. अब इन निकायों के सदस्यों के निर्वाचन में अनुसूचित जाति, जनजातियों तथा पिछड़ी जातियों तथा महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित हैं।


प्रश्न 7. भारतीय संविधान में सत्ता के बँटवारे का किस प्रकार परिवर्तन किया जा सकता है?

उत्तर

केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच सत्ता का बँटवारा भारतीय संविधान की बुनियादी बात है। अधिकारों के इस बँटवारे में बदलाव के लिए संविधान संशोधन करना होगा। इसमें पहले संशोधन को संसद के दोनों सदनों में पृथक्पृथक् दो-तिहाई बहुमत से मंजूर किया जाना आवश्यक है। इसके बाद कम से कम आधे राज्यों की विधानसभाओं से उसे मंजूर करवाना होता है।


प्रश्न 8. पंचायतों की मुख्य परेशानियों का वर्णन करें। 

उत्तर

पंचायतों की मुख्य परेशानियाँ: 

  • जागरूकता का अभाव।
  • धन का अभाव। 
  • अधिकारियों की मनमानी।
  • जन सहभागिता में कमी। 
  • केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराना। 
  • चुनाव नियमित रूप से नहीं होते।


प्रश्न 9. 1992 के संविधान संशोधन द्वारा लोकतांत्रिक व्यवस्था में विकेन्द्रीकरण को प्रभावी बनाने के लिए क्या प्रयास किए गए हैं ?

उत्तर:

  • स्थानीय निकायों के चुनाव नियमित रूप से कराना अनिवार्य है। 
  • कम से कम एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। 
  • हर राज्य में पंचायत और नगरपालिका चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग नामक स्वतंत्र संस्था का गठन किया गया है। 
  • राज्य सरकारों को अपने राजस्व और अधिकारों का कुछ हिस्सा स्थानीय निकायों को देना पड़ा। 


प्रश्न 10. भारत की संघीय व्यवस्था में बेल्जियम से मिलती जुलती एक विशेषता और उससे अलग एक विशेषता को बताएँ ?

उत्तर

भारत में बेल्जियम से मिलती-जुलती विशेषता यह है कि दोनों देशों में संपूर्ण देश के लिए एक संघ सरकार का गठन किया गया है। अलग विशेषता यह है कि बेल्जियम की केन्द्र सरकार की अनेक शक्तियाँ देश के दो क्षेत्रीय सरकारों को सुपुर्द कर दी गई हैं, जबकि भारत में केंद्र सरकार अनेक मामलों में राज्य सरकार पर नियंत्रण रखती है।


प्रश्न 11. किस प्रकार बेल्जियम की सरकार एकात्मक शासन प्रणाली से संघात्मक शासन में बदली?

उत्तर

बेल्जियम की केन्द्रीय सरकार ने 1993 में संविधान संशोधन करके प्रांतीय सरकारों को कुछ संवैधानिक अधिकार दिए। इन अधिकारों के लिए प्रांतीय सरकारें अब केन्द्र पर निर्भर नहीं रहीं। इस प्रकार बेल्जियम ने एकात्मक शासन की जगह संघीय शासन प्रणाली अपना ली।


प्रश्न 12. संघवाद या संघीय शासन व्यवस्था क्या है ? इसकी विशेषताएँ लिखिए। 

उत्तर

  • संघीय व्यवस्था में सत्ता केन्द्रीय सरकार और अन्य सरकारों में बंटी होती है। 
  • संघीय व्यवस्था में दो या दो से अधिक स्तर की सरकारें होती हैं। 
  • केंद्र सरकार राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर कानून बनाती है और राज्य सरकारें राज्य से संबंधित विषयों पर। 
  • दोनों स्तर की सरकारें अपने-अपने स्तर पर स्वतंत्र होकर अपना काम करती हैं।
  • केन्द्र तथा राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र संविधान में स्पष्ट रूप से वर्णित हैं।


दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. लोकतान्त्रिक शासन व्यवस्था में तीसरे स्तर को कैसे शक्तिशाली और प्रभावी बनाया गया ?

उत्तर

1992 में लोकतंत्र के तीसरे स्तर को अधिक शक्तिशाली और प्रभावी बनाने के लिए संविधान में संशोधन किया गया था।

  1. अब स्थानीय सरकारी निकायों के लिए नियमित चुनाव कराना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है।
  2. इन संस्थानों के निर्वाचित निकायों और कार्यकारी प्रमुखों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए सीटें आरक्षित हैं।
  3. सभी पदों में से कम से कम एक तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
  4. प्रत्येक राज्य में पंचायत और नगरपालिका चुनाव कराने के लिए राज्य चुनाव आयोग नामक एक स्वतंत्र संस्था बनाई गई है।
  5. राज्य सरकारों को स्थानीय सरकारी निकायों के साथ कुछ शक्तियां और राजस्व साझा करना आवश्यक है। साझा करने की प्रकृति अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होती है।

प्रश्न 2. एकात्मक और संघात्मक सरकारों के बीच अंतर स्पष्ट करें।

उत्तर

एकात्मक शासन व्यवस्था

संघात्मक शासन व्यवस्था

इसमें केन्द्र सरकार शक्तिशाली होती है। 

इसमें केन्द्रीय सरकार अपेक्षाकृत कमजोर होती है। 

इसके अंतर्गत संविधान संशोधन केन्द्र सरकार कर सकती है।

इसमें केन्द्र सरकार अकेले संविधान संशोधन नहीं कर सकती है। 

शक्तियाँ एक जगह पर केंद्रित होती हैं। 

शक्तियाँ कई स्तरों पर विभाजित होती हैं। 

इसमें एक ही नागरिकता होती है। 

कई संघीय व्यवस्था वाले देशों में दोहरी नागरिकता होती है।

केन्द्र सरकार राज्यों से शक्तियाँ ले सकती हैं। 

दोनों स्तर की सरकारें अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतंत्र होती हैं।


प्रश्न 3. भारतीय संघवाद किस प्रकार कार्य करता है?

उत्तर

भारतीय संघवाद का क्रियान्वयन भारत सरकार ने भारतीय संघवाद को सुचारु रूप से चलाने के लिए कई नीतियों को अपनाया है। यथा-

  1. भाषायी राज्यों का गठन: स्वतंत्रता के बाद 1956 में सरकार ने राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों को लागू कर कई राज्यों का भाषायी आधार पर गठन किया। इसके बाद कुछ अन्य राज्यों का गठन संस्कृति, भूगोल अथवा जातीयताओं की विभिन्नताओं को रेखांकित करने और उन्हें आदर देने के लिए भी किया गया। जैसे-नागालैंड, उत्तराखंड और झारखण्ड आदि। भाषावार राज्य बनाने से देश ज्यादा एकीकृत और मजबूत हुआ।
  2. भाषा नीति: भारत एक बहुभाषायी देश है। भारतीय संविधान में 22 भाषाएँ दी गई हैं । हरेक राज्य अपनी भाषा तथा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्र है। हिंदी को राजभाषा माना गया है, लेकिन गैर-हिंदी भाषी प्रदेशों की माँग पर अंग्रेजी का भी प्रयोग जारी रखा गया है।
  3. केन्द्र-राज्य सम्बन्ध-:संघवाद के लिए यह आवश्यक है कि केन्द्र और राज्यों के रिश्ते अच्छे रहें। 1990 के बाद केन्द्र में बनी गठबंधन सरकारों से सत्ता में साझेदारी और राज्य सरकारों की स्वायत्तता का आदर करने की नई संस्कृति पनपी है।

उपर्युक्त विवेचन से यह स्पष्ट होता है कि भारत एक संघीय देश है जिसने हमेशा संघवाद के सुचारु रूप से कार्य करने का प्रयास किया है।


प्रश्न 4. संविधान संशोधन 1992 से पहले और बाद में स्थानीय स्वशासन के बीच किन्ही तीन अंतरों को बताएं।

उत्तर

1992 के संशोधन से पहले 1992 के संशोधन के बाद
स्थानीय स्वशासन संस्थाएँ मौजूद थीं, लेकिन उनकी स्थिति और शक्तियों को संविधान में स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया था। संशोधन ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया, जिससे स्थानीय स्वशासन की मौलिक संस्थाओं के रूप में उनका अस्तित्व सुनिश्चित हुआ। इसमें इन संस्थानों की शक्तियों, संरचना और कार्यों का भी विवरण दिया गया है।
पंचायतों में अनुसूचित जाति (एस.सी.), अनुसूचित जनजाति (एस.टी.) और महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं था। संशोधन ने पंचायतों में एस.सी., एस.टी. और महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण को अनिवार्य कर दिया। यह स्थानीय शासन में हाशिए पर मौजूद वर्गों का अधिक प्रतिनिधित्व और भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
निर्णय लेने और प्रशासनिक शक्तियाँ अक्सर सरकार के उच्च स्तरों पर केंद्रित होती थीं, जिससे स्थानीय निकायों की स्वायत्तता सीमित हो जाती थी। संशोधन का उद्देश्य पंचायतों को शक्तियों का विकेंद्रीकरण करना, उन्हें आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय से संबंधित योजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने के अधिकार के साथ सशक्त बनाना है। इस विकेंद्रीकरण का उद्देश्य शासन को लोगों के करीब लाना और स्थानीय विकास को बढ़ाना था।


प्रश्न 5. भारत एक संघीय व्यवस्था वाला देश है इस तथ्य को साबित करने वाले मुख्य सिद्धांतों को लिखें। 

उत्तर

  • भारत में केन्द्र, राज्य और स्थानीय, तीन स्तरों पर सरकारें हैं। 
  • भारत में एक लिखित एवं विस्तृत संविधान है।
  • प्रत्येक स्तर की सरकार के अधिकार क्षेत्र संविधान में स्पष्ट वर्णित
  • संविधान के मौलिक प्रावधानों को कोई एक स्तर की सरकार अकेले नहीं बदल सकती।
  • सर्वोच्च न्यायालय को संविधान की व्याख्या का अधिकार। 
  • केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच विधायी शक्तियों को संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची में बांटा जाना।
  • वित्तीय स्वायतता के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों के लिए अलग-अलग स्रोत।


प्रश्न 6. संविधान द्वारा प्रस्तावित संघ सरकार एवं राज्य सरकारों के बीच विधायी शक्तियों के बँटवारे की तीन सूची व्यवस्था का वर्णन कीजिए।

उत्तर

संविधान द्वारा संघ सरकार एवं राज्य सरकारों के बीच विधायी शक्तियों का बँटवारा निम्नलिखित तीन सूचियों के द्वारा किया गया है:

  • संघ सूची-संघ सूची में दिये गए विषयों पर केवल केन्द्र सरकार कानून बना सकती है। ये विषय राष्ट्रीय महत्त्व के हैं, जैसे-रक्षा, वित्त, विदेश विभाग आदि।
  • राज्य सूची-राज्य सूची में दिए गए विषयों पर केवल राज्य सरकार कानून बना सकती है। ये स्थानीय महत्त्व के विषय हैं, जैसे- कृषि, पुलिस, वाणिज्य इत्यादि।
  • समवर्ती सूची-इस सूची में गिनाए गए विषयों पर केन्द्र तथा राज्य सरकारें दोनों ही कानून बना सकती हैं। एक ही समय में किसी एक विषय पर दोनों सरकारों के कानून में टकराहट होने की स्थिति में केन्द्र का कानून मान्य होगा और राज्य का कानून निरस्त हो जायेगा।
  • अवशिष्ट विषय शेष विषय केन्द्र सरकार को प्रदान किये गये हैं।
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