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BSEB Solutions for धरती कब तक घूमेगी (Dharati kab tak Ghumegi) Class 10 Hindi Varnika Part 2 Bihar Board

धरती कब तक घूमेगी - साँवर दइया प्रश्नोत्तर

Very Short Questions Answers (अतिलघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 1. ‘धरती कब तक घूमेगी’ कहानी की नायिका कौन है ?
उत्तर
‘धरती कब तक घूमेगी’ कहानी की नायिका तीन बेटों वाली सीता है।


प्रश्न 2. सांवर दइया की कहानियों की विशेषता क्या-क्या है ?
उत्तर

साँवर दइया की कहानियों की विशेषता है राजस्थानी समाज का यथा तथ्य वर्णन।


प्रश्न 3. ‘धरती कब तक घूमेगी’ कहानी के रचयिता कौन हैं?
उत्तर

‘धरती कब तक घूमेगी’ कहानी के रचयिता साँवर दइया हैं।


प्रश्न 4. ‘धरती कब तक घूमेगी’ कहानी का उद्देश्य क्या है?
उत्तर

प्रस्तुत कहानी का उद्देश्य है पुराने पारिवारिक मूल्यों का आज के युग में हो रहे क्षरण का चित्रण।


प्रश्न 5. सीता के प्रति उसके बेटों और बहुओं का व्यवहार कैसा था?
उत्तर
सीता के प्रति उसके बेटों और बहुओं का व्यवहार अत्यन्त उपेक्षापूर्ण था।


प्रश्न 6. सीता की आँखों के आगे अंधेरा कब छा गया?
उत्तर

बेटों ने जब तय किया कि वे तीनों हर माह पचास-पचास रुपये देंगे और माँ अपनी रोटी आप बनाएगी तो सीता की आँखों के आगे अंधेरा छा गया।


प्रश्नोत्तर (Questions and Answers)

प्रश्न 1. सीता अपने ही घर में क्यों घुटन महसूस करती है ?

उत्तर
सीता के पति के मरते ही घर की स्थिति दयनीय हो गई, भाइयों में आपसी भेद उत्पन्न हो गए, केवल अपनी पत्नी और संतान में ही सिमट गए, मां की देखरेख एवं भरन पोषण के लिए एक एक महीने का पारी बांध लिया, सीता किसी भी बेटे के साथ रहती, तो दुखी ही रहती थी, तथा अपने बहुओ के जली कोटि बाते सुनती ही रहती थी, वह अपने ही बेटो से तंग हो चुकी थी, और अपनी दर्द को किसी से कह भी नहीं सकती थी, यही कारण है, की सीता अपने ही घर में घुटन महसूस करने लगी |

प्रश्न 2. पाली बदलने पर अपने घर दादी मां के खाने को लेकर बच्चे खुश होते हैं, जबकि उनके माता-पिता नाखून बच्चे की खुशी और माता-पिता की नाखुशी के कारणों पर विचार करे ?

उत्तर
बच्चों का मन साफ सुथरा होता है, बच्चों को दादी दादा नाना नानी से बहुत लगाव होता है, अपनी पाली में दादी को पाकर वे खुशी से झूम उठते हैं, उनके माता पिता भले ही दुखी होते हैं, परंतु बच्चों में काफी खुशी झलकती है, बच्चों के माता-पिता खर्च से नाखुश हो जाती है, यही कारण है, कि पाली बदलने पर बच्चे खुश और उनके माता-पिता ना खुश हो जाते हैं |

प्रश्न 3. इस समय उसकी आंखों के आगे ना तो अंधेरा था, और ना ही उसे धरती और आकाश के बीच घुटन हुई, सप्रसंग व्याख्या करें ?

उत्तर
प्रस्तुत पंक्ति सांवर दइया द्वारा रचित धरती कब तक घूमेगी शीर्षक से लिया गया है, इस पंक्ति के माध्यम से लेखक यह बताना चाहते हैं, कि जब सीता के तीनों बेटे ने 50 रुपया देकर मां को अलग कर दिया, तो मां यह निर्णय लेती है, कि जब मजदूरी ही करना है, तो इन लोगों के घर क्यों करूं, और रात के अंधेरे में घर से निकल जाती है, अब उसके आंखों के सामने न ही अंधेरा था, और ना ही धरती आकाश के बीच घुटन महसूस हो रही हैं |

प्रश्न 4. सीता का चरित्र चित्रण करें ?

उत्तर
सीता एक ऐसी तीनों बेटों की माता थी, जो असहाय थी, पति के मरने के बाद उसके घर में कलह लग जाती है, और तीनों बेटे अलग अलग हो जाते हैं, बेटे और बहुओं की दूधकार वह मूल रूप से सहन कर लेती है, उसकी बहू समय-समय पर ताना मारती रहती है, जिस तरह धरती सब को सहन करने वाली मां होती है, उसी तरह सीता भी सब कुछ सहन करने वाली माता होती है, बच्चों द्वारा पचास रुपया देने का निर्णय लेने पर वह घर से सब कुछ त्याग कर निकल जाती है, वह सोचती है, कि भले ही दूसरे के यहां मजदूरी कर लुंगी बर्तन साफ करूंगी, परंतु इनके यहां एक पल भी नहीं रहूंगी |

प्रश्न 5. कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए ?
उत्तर

प्रस्तुत कहानी राजस्थानी भाषा में सावर दइया दवारा रचित धरती कब तक धुमेगी शीर्षक से लिया गया है, इस कहानी में सामजिक बिडम्वना का च्रित्रण किया गया है, इसकी प्रमुख पात्रा सीता थी, पति के मरने के बाद बच्चो के रहते हुए, भी वह असहाय हो गई थी, बच्चो की बहुए उसे हमेशा ताना मरती रहती थी, जिससे सीता अपने ही घर में घुटन महसूस करती थी, बेटो के इशारे पर वह कब तक इधर उधर भटकती, इसलिए एक दिन रात्री में वह घर छोड़कर निकल गई, इससे स्पस्ट होता है, की प्रस्तुत कहानी का शीर्षक धरती कब तक धुमेगी लेखक ने स्टिक रखा |

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