Ch 1 The Summer of the Beautiful White Horse Hindi Summary Class 11 Snapshots

Here, you will find The Summer of the Beautiful White Horse Hindi Summary that will be helpful understanding what given inside the chapter clearly. The story is about two poor Armenian boys who belong to a tribe known for its honesty. Also, you can check out The Summer of the Beautiful White Horse Summary in English.

Ch 1 The Summer of the Beautiful White Horse Hindi Summary Class 11 Snapshots


कहानी दो आदिवासी अर्मेनियाई लड़कों की है जो गारोघलानियन जनजाति के हैं। गरीब होने के बावजूद भी उन्होंने कभी कुछ नहीं चुराया। उनकी जनजाति विश्वास और ईमानदारी के लिए जाना जाता है।

कथावाचक का नाम अराम है जो नौ साल का लड़का है। कहानी की घटनाएं उसके और उसके चचेरे भाई, मुराद पर केंद्रित हैं जो तेरह साल का है। वह साहसी है और हर कोई जो उसे जानता था वह उसे सनकी समझता था। दोनों को घुड़सवारी बहुत पसंद है लेकिन गरीब हैं तो वे घोड़ा नहीं खरीद सकते थे।

कहानी तब शुरू होती है जब एक गर्मियों की सुबह, मुराद अराम के घर आकर उसके कमरे की खिड़की पर दस्तक देकर जगाता है। अराम जगकर खिड़की से बाहर देखता है तो वह अपने चचेरे भाई मुराद को सुंदर सफेद घोड़े पर देखकर आश्चर्यचकित हो जाता है। वह विश्वास नहीं कर पाता था कि मुराद ने घोड़ा खरीदा या उधार लिया होगा। वह सोचता ही की जरूर उसने इसे चोरी किया है लेकिन यह विश्वास नहीं किया जा सकता था क्योंकि गारोघलानियन जनजाति का कोई भी सदस्य चोर नहीं हो सकता।

अराम ने अपने चचेरे भाई से पूछता है कि उसने उस घोड़े को कहाँ से चुराया है, लेकिन मुराद कोई जवाब नहीं देता। मुराद उससे कहता है की अगर वह सवारी करना चाहता है तो खिड़की से छलांग लगाकर बाहर आए। अराम भी सवारी के लिए मोहताज था। उसने खुद को यह समझाकर तसल्ली दी की कि घुड़सवारी के लिए घोड़े की चोरी करना और किसी का पैसा चुराना दो अलग-अलग चीजें हैं। उन पर चोरी का आरोप तभी लगाया जा सकता था जब वे घोड़े को बेच देते।

अराम अपने कपड़े पहनकर और घोड़े पर भाई के पीछे बैठ जाता है। उनके घर के पीछे अंगूर के बाग, सिंचाई की खाई और देश की सड़कें थीं। घोड़ा दौड़ने लगता है और मुराद जोर से गाने लगता है। परिवार में एक पागलपन फैला था जो मुराद को विरासत में मिली थी। उनके अंकल खोस्रोव भी पागल थे। वह उग्र, चिड़चिड़ा और अधीर थे। वे किसी को बोलने नहीं देते। हालाँकि मुराद के अपने पिता ज़ोरब बहुत व्यावहारिक व्यक्ति थे।

अंत में मुराद अराम को नीचे उतरने के लिए कहता है। वह अकेले सवारी करना चाहता था। अराम ने उससे पूछा कि क्या वह उसे अकेले सवारी करने देगा। मुराद ने उत्तर दिया कि यह तो घोड़े पर है। उसका चचेरा भाई मुराद ने घोड़े की एड़ी में मारकर चिल्लाया, वज़ीर, भागो। घोड़ा अपने पिछले पैरों पर खड़ा हुआ, सूँघा, और पूरी गति से दौड़ता शुरू किया। मुराद ने घोड़े कोसूखी घास के एक क्षेत्र से लेकर सिंचाई खाई में दौड़ाया, घोड़े पर बैठकर खाई को पार किया और पांच मिनट बाद वापस लौट आया।

मुराद घोड़े से उतर गया और कथावाचक घोड़े पर बैठ गया लेकिन घोड़ा नहीं हिला। अराम ने घोड़े की मांसपेशियों में लात मारी। घोडा पीछे हटा, सूँघा और दौड़ना शुरू कर दिया। सिंचाई के लिए खेत में दौड़ने के बजाय घोड़े ने अंगूरों के बगीचे में घुसा और सात बेलों के ऊपर छलाँग लगा दिया| अराम गिर गया लेकिन घोड़ा दौड़ता रहा। घोड़े को खोजने और वापस लाने में उन्हें आधा घंटा लग गया।

सुबह का समय था। सारी दुनिया जाग चुकी थी। उनकी समस्या घोड़े को छिपाने की थी। अराम ने उससे फिर पूछा कि उसने कितने समय पहले घोड़ा चुराया था। मुराद ने उसे झूठ कहा और कहा कि जबसे उनलोगों ने सुबह से सवारी करना शुरू किया है। मुराद ने घोड़े को किसान फ़ेवजियान के एक अंगूरों के बगीचे में छिपा दिया। खलिहान में कुछ जई और सूखी अल्फाल्फा थे।

उस शाम अंकल खोस्रोव अराम के घर पहुंचे। तभी जॉन बायरो नाम का एक अन्य व्यक्ति भी वहाँ पहुँचा। उसने शिकायत की कि उनका सफेद घोड़ा पिछले महीने चोरी हो गया था। चाचा खोस्रोव ने अपनी आदत के अनुसार अपनी ऊंची आवाज से चुप करा दिया। अराम की माँ ने बायरो को सांत्वना दी।

जॉन बायरो के बारे में बताने के लिए अराम मुराद के घर गया। अराम घुड़सवारी सीखना चाहता था इसलिए मुराद से कहा कि जब तक वह घुड़सवारी करना न सीख ले, तब तक उसे घोड़ा वापस नहीं करना चाहिए। मुराद ने उसे बताया कि वह घोड़े को अधिकतम छह महीने तक रखेगा। हर सुबह घोड़ा अराम को फेंक कर भाग जाता था।

एक सुबह जब वे घोड़े को खलिहान में ले जा रहे थे, तो उनकी मुलाकात जॉन बायरो से हुई। मुराद बात करने के लिए आगे बढ़ा। जॉन बायरो ने घोड़े की जांच की और बताया कि यह उसके घोड़े जैसा है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए घोड़े के दांत भी गिने। लेकिन मुराद ने उन्हें विश्वास के साथ बताया कि उनके घोड़े का नाम माय हार्ट था और यह उनका जानवर है। बायरो उन पर विश्वास करता था क्योंकि उसका परिवार ईमानदारी के लिए जाना जाता है। बायरो ने बोला कि शायद घोड़ा चुराए हुए घोड़े का जुड़वा हो।

अगली सुबह, चचेरे भाई घोड़े को बायरो की अंगूर की बारी में ले गए और वहाँ छोड़ दिया। उस दोपहर, जॉन बायरो अराम के घर आया और उसने अराम की माँ के साथ अपने घोड़े की वापसी की खबर साझा की। हालांकि, वह घोड़े में होने वाले परिवर्तन पर आश्चर्यचकित था। घोडा पहले से ज्यादा मजबूत और बेहतर स्वभाव का दिख रहा थी। उन्होंने ठीक होने के लिए भगवान का शुक्रिया अदा किया लेकिन चाचा खोस्रोव चिढ़ गए और  उसे चुप रहने को कहा।

Previous Post Next Post
X
Free Study Rankers App Download Now