NCERT Solutions for Class 9th: Ch 9 बल तथा गति के नियम विज्ञान

NCERT Solutions of Science in Hindi for Class 9th: Ch 9 बल तथा गति के नियम  विज्ञान 

प्रश्न 

पृष्ठ संख्या 131

1. निम्न में से किसका जड़त्व अधिक है :
(a) एक रबर की गेंद एवं उसी आकार का पत्थर,
(b) एक साइकिल एवं एक रेलगाड़ी, 
(c) पाँच रुपये का एक सिक्का एवं एक रुपये का सिक्का|

उत्तर

किसी वस्तु का द्रव्यमान उसके जड़त्व की माप है| वस्तु का द्रव्यमान जितना अधिक होता है, उसका जड़त्व उतना ही अधिक होता है, विपरीत क्रम से भी यही|

(a) एक पत्थर का द्रव्यमान समान आकार के रबर की गेंद के द्रव्यमान से अधिक होता है| इस प्रकार, एक पत्थर का जड़त्व रबर की गेंद से अधिक होता है|

(b) एक रेलगाड़ी का द्रव्यमान साइकिल के द्रव्यमान से अधिक होता है| इस प्रकार, एक रेलगाड़ी का जड़त्व साइकिल से अधिक होता है|

(c) पाँच रुपये के एक सिक्के का द्रव्यमान एक रुपये के एक सिक्के के द्रव्यमान से अधिक होता है| इस प्रकार, पाँच रुपये के एक सिक्के का जड़त्व एक रुपये के सिक्के से अधिक होता है|

2. नीचे दिए गए उदाहरण में गेंद का वेग कितनी बार बदलता है, जानने का प्रयास करें :
“फुटबॉल का एक खिलाड़ी गेंद पर किक लगाकर गेंद को अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी के पास पहुँचाता है| दूसरा उस खिलाड़ी गेंद को किक लगाकर गोल की ओर पहुँचाने का प्रयास करता है| विपक्षी टीम का गोलकीपर गेंद को पकड़ता है और अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है|” इसके साथ ही उस कारक की भी पहचान करें जो प्रत्येक अवस्था में बल प्रदान करता है|

उत्तर

गेंद का वेग चार बार बदलता है|
पहली बार, जब एक खिलाड़ी गेंद पर किक लगाकर गेंद को अपनी टीम के दूसरे खिलाड़ी के पास पहुँचाता है, दूसरी बार, जब दूसरा खिलाड़ी गेंद को किक लगाकर गोल की ओर पहुँचाने का प्रयास करता है| तीसरी बार, जब गोलकीपर गेंद को रोकता है| चौथी बार, जब गोलकीपर गेंद को अपनी टीम के खिलाड़ी की ओर किक लगाता है|
बल प्रदान करने के कारक :
पहली अवस्था- पहला खिलाड़ी
दूसरी अवस्था- दूसरा खिलाड़ी
तीसरी अवस्था- गोलकीपर
चौथी अवस्था- गोलकीपर

3. किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं| क्यों?

उत्तर

किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं, क्योंकि शाखाएँ गति में आती हैं जबकि स्थिरता के जड़त्व के कारण पत्तियाँ विरामावस्था में रहती हैं|

4. जब कोई गतिशील बस अचानक रुकती है तो आप आगे की ओर झुक जाते हैं और जब विरामावस्था से गतिशील होती है तो पीछे की ओर हो जाते हैं, क्यों?

उत्तर

एक गतिशील बस में, गति के जड़त्व के कारण हम बस के साथ गति में रहते हैं| जैसे ही ड्राईवर ब्रेक लगाता है, बस रूक जाती है| लेकिन हमारा शरीर जड़त्व के कारण गतिज अवस्था में ही बने रहने की प्रवृत्ति रखता है| परिणामस्वरूप, आगे की ओर बल लगाया जाता है|

उसी प्रकार, बस के विरामावस्था से गतिशील होने पर हम पीछे की ओर हो जाते हैं, क्योंकि बस के गतिशील होने पर हमारा पैर, जो बस के फर्श के संपर्क में रहता है, गति में आ जाता है| परंतु शरीर का ऊपरी भाग जड़त्व के कारण इस गति का विरोध करता है| इसलिए बस के विरामावस्था से गतिशील होने पर हम पीछे की ओर हो जाते हैं|

पृष्ठ संख्या 140

1. यदि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर है तो स्पष्ट कीजिए कि घोड़ा गाड़ी को कैसे खींच पाता है?

उत्तर

घोड़ा पृथ्वी की सतह को अपने पैरों से पीछे धकेलता है| न्यूटन के गति के तीसरे नियम के अनुसार, पृथ्वी की सतह घोड़े पर उतना ही प्रतिक्रिया बल विपरीत दिशा में लगाती है जिसके प्रभाव से गाड़ी आगे बढ़ती है|

2. एक अग्निशमन कर्मचारी को तीव्र गति बहुतायत मात्रा में पानी फेंकने वाली रबड़ की नली को पकड़ने में कठिनाई क्यों होती है? स्पष्ट करें|

उत्तर

जब एक अग्निशमन कर्मचारी तीव्र गति बहुतायत मात्रा में पानी फेंकने वाली रबर की नली को पकड़ता है तो उस पर फेंकी जा रही पानी द्वारा विपरीत दिशा में प्रतिक्रिया बल लगता है| यह न्यूटन के गति के तीसरे नियम के कारण होता है| इस प्रतिक्रिया बल के फलस्वरूप, अग्निशमन कर्मचारी की स्थिरता कम हो जाती है| इसलिए उसे रबर की नली पकड़ने में कठिनाई होती है|

3. एक 50 g द्रव्यमान की गोली 4 kg द्रव्यमान की रायफल से 35 ms−1 के प्रारंभिक वेग से छोड़ी जाती है| रायफल के प्रारंभिक प्रतिक्षेपित वेग की गणना कीजिए|

उत्तर

रायफल का द्रव्यमान, m1= 4 kg
गोली का द्रव्यमान, m2= 50g= 0.05 kg
रायफल का प्रतिक्षेपित वेग = v1
गोली प्रारंभिक वेग से छोड़ी जाती है v2= 35m/s
प्रारंभ में, रायफल विरामावस्था में है|
इसलिए इसका प्रारंभिक वेग, v = 0
रायफल तथा गोली का कुल प्रारंभिक संवेग = (m1+m2)v= 0
गोली छोड़ने के बाद रायफल तथा गोली का कुल संवेग =  m1v1 + m2v2 = 0.05 × 35 = 4v1 + 1.75

संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार,
गोली छोड़ने के बाद का संवेग = गोली छोड़ने के पहले का संवेग 4v1 + 1.75 = 0
v1 = -1.75/4 = -0.4375 m/s
नकारात्मक चिन्ह से ज्ञात होता है कि रायफल 0.4375 m/s वेग के साथ पीछे की ओर प्रतिक्षेपित होती है|

4. 100 g और 200 g द्रव्यमान की दो वस्तुएँ एक ही रेखा के अनुदिश एक ही दिशा में क्रमशः 2 m और 1 m के वेग से गति कर रही हैं| दोनों वस्तुएँ टकरा जाती हैं| टक्कर के पश्चात् प्रथम वस्तु का वेग 1.67 m हो जाता है, तो दूसरी वस्तु का वेग ज्ञात करें|

उत्तर

प्रथम वस्तु का द्रव्यमान, m1 = 100 g = 0.1 kg
दूसरे वस्तु का द्रव्यमान, m2 =  200 g = 0.2 kg
टकराने के पहले m1  का वेग, v1= 2 m/s
टकराने के पहले m2 का वेग, v2 = 1 m/s
टकराने के बाद m1 का वेग, v3 = 1.67 m/s
टकराने के बाद m2 का वेग, = v4

संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार,
टकराने के बाद का कुल संवेग = टकराने के पहले का कुल संवेग
इसलिए, m1v1 + m2v2 = m1v3 + m2v
2(0.1) + 1(0.2) = 1.67(0.1) + v4 (0.2)
0.4 = 0.167 + 0.2v4
 v4= 1.165 m/s
इस प्रकार, टकराने के बाद दूसरे वस्तु का वेग 1.165 m/s होता है|

पृष्ठ संख्या 141

1. कोई वस्तु शून्य बाह्य असंतुलित बल अनुभव करती है| क्या किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है? यदि हाँ, तो वस्तु का वेग के परिमाण एवं दिशा पर लगने वाली शर्तों का उल्लेख करें| यदि नहीं, तो कारण स्पष्ट करें|

उत्तर

हाँ, किसी भी वस्तु के लिए अशून्य वेग से गति करना संभव है जब उस पर लगा बाह्य असंतुलित बल शून्य होता है| बारिश की बूँद नियत वेग के साथ गिरती हैं| बूँद का वजन उत्क्षेप तथा वायु के वेग द्वारा संतुलित होता है| इस प्रकार, बूँद पर लगा बल शून्य होता है|

2. जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं| स्पष्ट करें|

उत्तर

जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो यह अचानक गति में आ जाता है| धूल के कण स्थिरता के जड़त्व के कारण विरामावस्था में रहते हैं, इसलिए ये बाहर आ जाते हैं|

3. बस की छत पर रखे समान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?

उत्तर

जैसे ही बस गतिशील होता है, छत पर रखे समान का निचला हिस्सा बस के संपर्क में रहने के कारण गति में आ जाता है| लेकिन समान का उपर हिस्सा स्थिरता के जड़त्व के कारण विरामावस्था में रहता है| इसलिए ऊपरी भाग पीछे छूट जाता है तथा समान गिर जाता है| यही कारण है कि बस की छत पर रखे समान को रस्सी से बाँधा जाता है|

4. किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढ़कती है| कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रूक जाती है| गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि
(a) बल्लेबाक ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है|
(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है|
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है|
(d) गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है, अतः गेंद विरामावस्था में आने के लिए प्रयासरत है|
(सही विकल्प का चयन करें)

उत्तर

गेंद की गति धीमी हो जाती है तथा विपरीत दिशा में लगने वाले घर्षण बल तथा वायु प्रतिरोध के कारण यह विरामावस्था में आ जाता है| इस प्रकार, गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है, विकल्प सही है|

पृष्ठ संख्या 142

5. एक ट्रक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है| यह 20 s में 400 m की दूरी तय करता है| इसका त्वरण ज्ञात करें| अगर इसका द्रव्यमान 7 मीट्रिक टन है तो इस पर लगने वाले बल की गणना करें| (1 मीट्रिक टन = 1000 kg)

उत्तर

प्रारंभिक वेग, u = 0
तय की गई दूरी, s = 400 m
लिया गया समय, t = 20 s
हम जानते हैं, s = ut + ½ at2
या, 400 = 0 + ½ a (20)2
या, a = 2 ms-2
अब, m = 7 मीट्रिक टन= 7000 kg, a = 2 ms-2
या, F = ma = 7000 × 2 = 14000 N

6. 1 kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 ms-1  के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है| पत्थर 50 m की दूरी तय करने के बाद रूक जाता है| पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें|

उत्तर

पत्थर का प्रारंभिक वेग, u = 20 m/s
पत्थर का अंतिम वेग, v = 0
पत्थर द्वारा तय की गई दूरी, s = 50 m
चूँकि, v2 - u2 = 2as,
या , 0 - 202 = 2a × 50,
या, a = – 4 ms-2
घर्षण बल, F = ma = – 4N

7. एक 8000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है| यदि इंजन 40000 N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें :
(a) नेट त्वरण बल
(b) रेल का त्वरण तथा
(c) डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल

उत्तर

(a) इंजन द्वारा आरोपित किया गया बल, F = 40000 N
पटरी द्वारा लगाया गया घर्षण बल, Ff = 5000 N
नेट त्वरण बल = Fa = F – Ff = 40000 − 5000 = 35000 N
इस प्रकार, नेट त्वरण बल 35000 N है|

(b) रेल का त्वरण = a
पाँचों डिब्बों पर इंजन द्वारा लगाया बल = 40000 N
डिब्बों पर नेट त्वरण Fa = 35000 N
डिब्बों का द्रव्यमान, m = एक डिब्बे का द्रव्यमान × डिब्बों की संख्या
एक डिब्बे का द्रव्यमान = 2000 kg
डिब्बों की संख्या = 5
∴ m = 2000 × 5 = 10000 kg
कुल द्रव्यमान, M = m = 10000 kg
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार,
Fa = Ma
a = Fa/M = 35000 10000 = 3.5 ms-2
इस प्रकार, रेल तथा डिब्बों का त्वरण 3.5 ms-2 है|

(c) डिब्बे 1 को छोड़कर बाकी डिब्बों का द्रव्यमान = 4 × 2000 = 8000 kg
डिब्बों का त्वरण = 3.5 m/s2
 डिब्बे को छोड़कर बाकी डिब्बों पर लगाया गया बल = 8000 × 3.5 = 28000 N
इसलिए डिब्बे 1 द्वारा बचे 4 डिब्बों पर लगाया गया बल 28000 N है|
इस प्रकार डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल 28000 N है|

8. एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 kg है| यदि गाड़ी को 1.7 ms-2 के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा?

उत्तर

गाड़ी का द्रव्यमान, m = 1500 kg
अंतिम वेग, v = 0 (अंत में गाड़ी के रूकने पर)
गाड़ी का त्वरण, a = 1.7 ms-2
न्यूटन के गति के दूसरे नियम से :
बल = द्रव्यमान × त्वरण = 1500 × (−1.7) = −2550 N
इसलिए गाड़ी के विपरीत दिशा में गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल −2550 N है|

9. किसी m द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग v है का संवेग क्या होगा?
(a) (mv)2
(b) mv2
(c) ½ mv2
(d) mv
उत्तर

(d) mv
वस्तु का द्रव्यमान = m
वेग = v
संवेग = द्रव्यमान × वेग
संवेग = mv

10. हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं| बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?

उत्तर

लकड़ी का बक्सा नियत वेग से तभी आगे बढ़ेगा, जब उस पर लगा नेट बल शून्य हो| इसलिए बक्से पर लगने वाला घर्षण बल = 200 N है, जो बक्से के गति के विपरीत दिशा में लगता है|

11. दो वस्तुएँ, प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5 kg है, एक ही सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही है| टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 m है| टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?

उत्तर

पहले वस्तु का द्रव्यमान, m1 = 1.5 kg
दूसरे वस्तु का द्रव्यमान, m2 = 1.5 kg
टकराने से पहले m1 का वेग, u1 = 2.5 m/s
टकराने से पहले विपरीत दिशा में गति कर रही m2 का वेग, u2 = −2.5 m/s
मान लें कि टकराने के बाद दोनों वस्तुओं का वेग v हो|
संवेग का संरक्षण नियम के द्वारा,
टकराने के पहले का संवेग = टकराने के बाद का संवेग
या, (m1 + m2)v = m1u1 + m2u2
या, (1.5 + 1.5)v = 1.5 × 2.5 +1.5 × (–2.5) (ऋणात्मक चिन्ह यह दर्शाता है कि गति विपरीत दिशा में होगी)
या, v = 0 m/s

12. गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है| यदि वह वस्तु एक ट्रक है जो सड़क के किनारे खड़ा है; संभवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पाएगा| एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं| इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि ट्रक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?

उत्तर

तर्क यह है कि क्रिया और प्रतिक्रिया बल दो अलग-अलग वस्तुओं पर कार्य करते हैं, इसलिए वे दोनों एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं| जब हम एक भारी ट्रक को धक्का देते हैं तो उसके चक्के तथा सड़क के बीच का आकर्षण बल बहुत अधिक होता है और ट्रक गतिशील नहीं हो पाता|

पृष्ठ संख्या 143

13. 200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 m/s की वेग से सीधी रेखा में चलती हुई 5 kg द्रव्यमान के लकड़ी के गुटके से संघट्ट करती है तथा उससे जुड़ जाती है| उसके बाद दोनों एक साथ उसी रेखा में गति करते हैं| संघट्ट के पहले और संघट्ट के बाद के कुल संवेगों की गणना करें| दोनों वस्तुओं की जुड़ी हुई अवस्था में वेग की गणना करें|

उत्तर

हॉकी की गेंद का द्रव्यमान, m1= 200 g = 0.2 kg
गेंद का वेग, u1 = 10 m/s
गुटके का द्रव्यमान, m2 = 5 kg
गुटके का वेग, u2 =  0
प्रारंभिक संवेग, m1u1 + m2u2 = 0.2 ×10 + 5 × 0
= 2 kg ms-1

टकराने के बाद,
गेंद का संवेग = गुटके का संवेग = v
कुल संवेग = m1v + m2v
(m1 + m2)v = (0.2 + 5)v
= 5.2v

दोनों वस्तुओं की जुड़ी हुई अवस्था में वेग,
2 kg ms-1 = 5.2 v
v = 2/5.2 = 10/26 ms-1
v = 0.38 ms-1

14. 10 g द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 ms-1 के वेग से चलकर एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03 s के बाद रुक जाती है| गोली लकड़ी को कितनी दूर तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना करें|

उत्तर

प्रारंभिक वेग, u = 150 m/s
अंतिम वेग, v = 0
विरामावस्था में आने में लगा समय, t = 0.03 s
गति के पहले समीकरण के अनुसार, v = u + at
गोली का त्वरण, a = 0 = 150 + (a × 0.03 s)a = -150/0.03 = -5000 m/s2
(ऋणात्मक चिन्ह यह दर्शाता है कि वेग की दर घट रही है)

गति के तीसरे समीकरण के अनुसार,
v2 = u2+ 2as
0 = (150)+ 2 (-5000)
= 22500 / 10000
= 2.25 m

इस प्रकार, गोली द्वारा लकड़ी को भेदने में तय की गई दूरी 2.25 m है|
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार,
बल, F = द्रव्यमान × त्वरण
गोली का द्रव्यमान, m = 10 g = 0.01 kg
गोली का त्वरण, a = 5000 m/s2
F = ma = 0.01 × 5000 = 50 N
इस प्रकार, लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल का परिमाण 50 N है|

15. एक वस्तु जिसका द्रव्यमान 1 kg है, 10 ms-1 के वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए विरामावस्था में रखे 5 kg द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके से टकराती है| उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी रेखा में गति करते हैं| संघट्ट के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें| आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें|

उत्तर

वस्तु का द्रव्यमान, m1 = 1 kg
टकराने के पहले वस्तु का वेग, v1 = 10 m/s
लकड़ी के गुटके का द्रव्यमान, m2 = 5 kg
टकराने से पहले गुटके का वेग, v2 = 0 m/s
टकराने से पहले कुल संवेग = m1v2 + m2v2
= 1 (10) + 5 (0) = 10 kg ms-1

यह दिया गया है कि संघट्ट के बाद, वस्तु और लकड़ी के गुटके आपस में जुड़ जाते हैं|
संयोजित वस्तुओं का कुल द्रव्यमान = m1 + m2
संयोजित वस्तुओं का कुल वेग = v

संवेग के संरक्षण के नियम के अनुसार,
टकराने के पहले कुल संवेग = संघट्ट के बाद कुल संवेग
m1v1 + m2v2 = (m1 + m2)v
⇒ 1 (10) + 5 (0) = (1 + 5) v
⇒ v = 10/6
= 5/3

टकराने के बाद कुल संवेग 10 kg m/s भी है|
संघट्ट के तुरंत बाद का कुल संवेग = 10 kg m/s
संघट्ट के बाद का कुल संवेग = (m1 + m2)v = 6 × 5/3 = 10 kg ms-1
इस प्रकार, आपस में जुड़े हुए संयोजन का वेग = 5/3 ms-1

16. 100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6 s में 5 ms-1 से 8 ms-1 हो जाता है| वस्तु से पहले और बाद के संवेगों की गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है|

उत्तर

वस्तु का प्रारंभिक वेग, u = 5 ms-1
वस्तु का अंतिम वेग, v = 8 ms-1
वस्तु का द्रव्यमान, m = 100 kg
वस्तु द्वारा त्वरण में लिया गया समय, t = 6 s
प्रारंभिक संवेग, mu = 100 × 5 = 500 kg ms-1
अंतिम संवेग, mv = 100 × 8 = 800 kg ms-1

वस्तु पर आरोपित बल, F = (mv - mu)/ t
= m (v-u)/t
= 800 – 500
= 300/6
= 50 N
वस्तु का प्रारंभिक संवेग 500 kg ms-1 है|
वस्तु का अंतिम संवेग 800 kg ms-1 है|
वस्तु पर आरोपित बल 50 N है|

17. अख्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं, अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा, गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया| अख्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं| किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है| (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है|) अख्तर ने कहा कि चूँकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गई| राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिवर्तन हुआ| इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें|

उत्तर

किरण का यह मानना कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है, गलत है| अख्तर का यह मानना कि चूँकि कार का वेग बहुत अधिक होने के कारण कार ने कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया भी गलत है| राहुल का तर्क सही है| कार तथा कीड़ा के टकराने पर दोनों पर क्रिया तथा प्रतिक्रिया के रूप में समान तथा विपरीत बल लगा| दोनों के संवेग में भी बराबर परिवर्तन हुआ| केवल संवेग के परिवर्तन के चिन्ह विपरीत हैं| दोनों के संवेग में परिवर्तन विपरीत दिशा में होता है, हालाँकि दोनों के संवेग में परिवर्तन का परिमाण बराबर है|

18. एक 10 kg द्रव्यमान की घंटी 80 cm की ऊँचाई से फ़र्श पर गिरी| इस अवस्था में घंटी द्वारा फर्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें| परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms-2 लें|

उत्तर

घंटी का द्रव्यमान, m = 10 kg
घंटी द्वारा तय की गई दूरी, s = 80 cm = 0.8 m
नीचे की ओर दिष्ट त्वरण, a = 10 m/s2
घंटी का प्रारंभिक वेग, u = 0
घंटी का अंतिम वेग (फर्श पर गिरते समय) = v
गति के तीसरे समीकरण के अनुसार,
v2 = u2 + 2as
⇒ v2 = 0 + 2 (10) 0.8
⇒ v = 4 m/s
फर्श पर गिरते समय घंटी द्वारा स्थानांतरित संवेग का मान = mv = 10 × 4 = 40 kgms−1

पृष्ठ संख्या 144

अतिरिक्त अभ्यास

1. एक वस्तु की गति की अवस्था में दूरी समय सारणी निम्नवत् है:

समय (सेकंड)
दूरी (मीटर)
00
11
28
327
464
5125
6216
7343

(a) त्वरण के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं? क्या यह नियत है? बढ़ रहा है? घट रहा है? या शून्य है?
(b) आप वस्तु पर लगने वाले बल के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

उत्तर

(a) यहाँ समय के समान अन्तराल में दूरी में असमान परिवर्तन होता है| इसलिए दिए गए वस्तु में असमान गति है| चूँकि समय के साथ वस्तु का वेग बढ़ता है, इसलिए त्वरण भी बढ़ रहा है|

(b) यहाँ वस्तु त्वरित अवस्था में है| न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार, किसी वस्तु पर लगने वाला बल वस्तु में उत्पन्न त्वरण से सीधे आनुपातिक होता है| इसलिए हम कह सकते हैं कि वस्तु पर असंतुलित बल लगता है|

2. 1200 kg द्रव्यमान की कार को चिकनी सड़क पर दो व्यक्ति समान वेग से धक्का देते हैं| उसी कार को तीन व्याक्तियों द्वारा धक्का देकर 0.2 का त्वरण उत्पन्न किया जाता है| कितने बल के साथ प्रत्येक व्यक्ति कार को धक्का देता है? (मान लें कि सभी व्यक्ति समान पेशीय बल के साथ कार को धक्का देते हैं|)

उत्तर

कार का द्रव्यमान = 1200 kg
केवल दो व्यक्ति कार को समान रूप से धक्का देते हैं| इसलिए, कार का त्वरण तीसरे व्यक्ति द्वारा अकेले प्राप्त किया जाता है|
तीसरे व्यक्ति द्वारा धकेले जाने पर कार द्वारा उत्पन्न त्वरण,
a = 0.2 m/s2
मान लें कि तीसरे व्यक्ति द्वारा लगाया गया बल F है|
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार,
बल = द्रव्यमान × त्वरण
F = 1200 × 0.2 = 240 N
इस प्रकार, तीसरे व्यक्ति द्वारा लगाए गए बल का परिमाण 240 N है|
इसलिए प्रत्येक व्यक्ति द्वारा कार को धक्का देने के लिए लगाए गए बल का परिमाण 240 N है|

3. 500 g द्रव्यमान के एक हथौड़े द्वारा 50 ms-1 वेग से एक कील पर प्रहार किया जाता है| कील द्वारा हथौड़े को बहुत कम समय 0.01 s के लिए ही रोका जाता है| कील के द्वारा हथौड़े पर लगाए गए बल की गणना करें|

उत्तर

हथौड़े का द्रव्यमान, m = 500 g = 0.5 kg
हथौड़े का प्रारंभिक वेग, u = 50 m/s
कील द्वारा हथौड़े को रोकने में लिया गया समय, t = 0.01 s
हथौड़े का वेग, v = 0 (चूँकि अंत में हथौड़ा विरामावास्था में रहता है|)
न्यूटन के गति के दूसरे नियम के अनुसार,
बल,  f = m(v-u)/t
= 0.5(0-50)/0.01
= -2500 N
हथौड़ा −2500 N बल के साथ कील पर प्रहार करता है| इसलिए न्यूटन के गति के तीसरे नियम से, कील के द्वारा हथौड़े पर लगया गया बल समान और विपरीत है, जो कि +2500 N है|

4. एक 1200 kg द्रव्यमान की मोटरकार 90 km/h की वेग से एक सीधी रेखा पर चल रही है| उसका वेग बाहरी असंतुलित बल लगने के कारण 4 s में घटकर 18 km/h हो जाता है| त्वरण और संवेग में परिवर्तन की गणना करें| लगने वाले परिमाण की भी गणना करें|

उत्तर

मोटरकार का द्रव्यमान, m = 1200 kg
मोटरकार का प्रारंभिक वेग, u = 90 km/h = 25 m/s
मोटरकार का अंतिम वेग, v = 18 km/h = 5 m/s
लिया गया समय, t = 4 s
गति के पहले समीकरण के अनुसार,
v = u + at
⇒ 5 = 25 + a (4)
⇒ a = −5 m/s2
ऋणात्मक चिन्ह यह दर्शाता है कि वेग की दर घट रही है|

संवेग में परिवर्तन,
= mv − mu = m (v−u)
= 1200 (5 − 25) = −24000 kg ms-1

∵ बल = द्रव्यमान × त्वरण
= 1200 × −5 = −6000 N

मोटरकार का त्वरण = −5 m/s2
मोटरकार के संवेग में परिवर्तन = −24000 kg ms-1
इसलिए घटते वेग में लगा बल −6000 N है|
(ऋणात्मक चिन्ह घटते संवेग को दर्शाता है|)

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