NCERT Solutions for Class 11th: पाठ 14 - वे आँखें

NCERT Solutions for Class 11th: पाठ 14 - वे आँखें आरोह भाग-1 हिंदी (Ve Aankhen)

अभ्यास

पृष्ठ संख्या: 149

कविता के साथ

1. अंधकार की गुहा सरीखी
उन आँखों से डरता है मन|

(क) आमतौर पर हमें डर किन बातों से लगता है?

(ख) उन आँखों से किसकी ओर संकेत किया गया है?

(ग) कवि को उन आँखों से डर क्यों लगता है?

(घ) डरते हुए भी कवि ने उस किसान की आँखों की पीड़ा का वर्णन क्यों किया है?

(ङ) यदि कवि इन आँखों से नहीं डरता क्या तब भी वह कविता लिखता?

उत्तर

(क) आमतौर पर हमें जीवन में अचानक घटने वाली दुर्घटनाओं से डर लगता है जिसमें आर्थिक हानि, प्रियजन की मृत्यु, अपमान या मुसीबत जसी घटनाएँ शामिल होती हैं|

(ख) उन आँखों से किसानों की दयनीय स्थिति की ओर संकेत किया गया है?

(ग) कवि को उन आँखों से डर लगता है क्योंकि उनमें निराशा, शोषण, पीड़ा और रुदन के सिवाय कुछ नहीं है|

(घ) डरते हुए भी कवि ने उस किसान की आँखों की पीड़ा का वर्णन किया है जिससे कि अन्य लोगों को किसानों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके| किसानों की जिस पीड़ा का अनुभव कवि ने किया है उसे सभी महसूस कर सकें|

(ङ) यदि कवि इन आँखों से नहीं डरता तब भी वह कविता अवश्य लिखता क्योंकि कविता लिखने के लिए भावों का होना जरूरी है| कवि के मन में उठते भाव जिस विषय की ओर उन्मुख होते, कविता भी उसी विषय पर आधारित होता|

2. कविता में किसान की पीड़ा के लिए किन्हें जिम्मेदार बताया गया है?

उत्तर

कविता में किसान की पीड़ा के लिए शासक वर्ग जिसमें महाजन, साहूकार तथा कोतवाल आदि आते हैं, को जिम्मेदार बताया गया है| महाजन ने अपने ऋण की वसूली के लिए किसान के घर, बैल, खेत यहाँ तक कि उसकी गाय को भी नीलाम करवा दिया| साहूकार के कारिंदों ने किसान के बेटे की निर्मम हत्या कर दी| पत्नी भी दवा के अभाव में चल बसी| इस प्रकार इन सभी के अत्याचार किसान की पीड़ा के लिए जिम्मेदार हैं|

3. “पिछले सुख की स्मृति आँखों में क्षण भर एक चमक है लाती” में किसान के किन पिछले सुखों की ओर संकेत किया गया है?

उत्तर

इन पंक्तियों में किसान के पिछले उन सुखों की ओर संकेत किया गया है जिसे याद करके किसान की आँखों में चमक आ जाती है| किसान के छोटे परिवार में उसकी पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू सभी थे जिसके साथ वह सुखी जीवन व्यतीत कर रहा था| उसके हरे-भरे लहलहाते खेत थे तथा दूध देने वाली गाय और खेती के लिए बैलों की जोड़ी थी| यहाँ इन्हीं सुखों की ओर संकेत किया गया है|

4. संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें|

(क) उजरी उसके सिवा किसे कब
पास दुहाने आने देती?

(ख) घर में विधवा रही पतोहू
लछमी थी, यद्यपि पति घातिन,

(ग) पिछले सुख की स्मृति आँखों में
क्षण भर एक चमक है लाती
तुरत शून्य में गड़ वह चितवन
तीखी नोक सदृश बन जाती

उत्तर

(क) सन्दर्भ- प्रस्तुत पंक्तियाँ पंत जी द्वारा रचित ‘वे आँखें’ कविता से ली गई हैं| कवि ने स्वतंत्रता से पूर्व के भारतीय किसानों की दयनीय स्थिति का वर्णन किया है| किसान के पाय उजरी नाम की गाय थी जिसे महाजन ने अपना कर्ज वसूलने के लिए बिकवा दिया था|

आशय- किसान के पास उजरी नाम की गाय थी जिससे किसान को बहुत लगाव था| गाय भी उससे स्नेह रखती थी| अतः गाय उसके सिवाय अन्य किसी को अपने पास दूध दुहने नहीं आने देती थी| महाजन द्वारा ऋण वसूली के लिए गाय के बेचे जाने पर आज भी किसान की आँखों के सामने गाय का स्नेह उमड़ पड़ता है|

(ख) संदर्भ- प्रस्तुत पंक्तियाँ पंत जी द्वारा रचित ‘वे आँखें’ कविता से ली गई हैं| साहूकार के कारिंदों ने किसान के बेटे को मार डाला था| उसकी विधवा अर्थात् किसान की पुत्रवधू अब घर में अकेली रह गई थी और पति की ह्त्या का आरोप उसी पर मढ़ा जा रहा था|

आशय- किसान के बेटे की ह्त्या के बाद उसकी जवान विधवा पत्नी अकेली रह गई थी| जब वह इस घर में आई थी तो उसे गृहलक्ष्मी माना जाता था लेकिन पति की मृत्यु के बाद उसे पति घातिन अर्थात् पति की हत्यारिन कहा जाने लगा|

(ग) संदर्भ- प्रस्तुत पंक्तियाँ पंत जी द्वारा रचित ‘वे आँखें’ कविता से ली गई हैं| कवि ने उन सुखद स्मृतियों का वर्णन किया है जिन्हें याद करके किसान की आँखों में चमक आ जाती है| अपने अतीत को याद करके किसान क्षण भर के लिए सुख की प्राप्ति होती है लेकिन वर्तमान का दुख उसे व्याकुल कर जाता है|

आशय- कवि ने इन पंक्तियों में किसान को सुखद स्मृतियों को याद करते हुए दिखाया है| किसान अपने अतीत के सुख और आनंद भरे पलों को याद करके बहुत खुश होता है लेकिन यह ख़ुशी अधिक देर तक नहीं टिकती| जसे ही उसे वास्तविकता का अनुभव होता है उसका दर्द और भी अधिक बढ़ जाता है| उसकी नजरें शून्य की ओर गड़ जाती है अर्थात् उसे चारों तरफ निराशा ही नजर आती है|

5. “घर में विधवा रही पतोहू ...../ खैर पैर की जूती, जोरू/एक न सही दूजी आती” इन पंक्तियों को ध्यान में रखते हुए ‘वर्तमान समाज और स्त्री’ विषय पर एक लेख लिखें|

उत्तर

भारतीय समाज पुरूष प्रधान समाज है जहाँ स्त्रियों की स्थिति आर्थिक, सामाजिक और व्यावहारिक रूप से बहुत खराब है| गाँव में स्त्रियों की स्थिति और भी अधिक दयनीय है| विधवा होने के बाद औरतों को अभिशाप माना जाता है और पति की हत्या का कारण भी उन्हें ही माना जाता है| पत्नी को अपनी पैर की जूती समझने वाले पुरूष उनके मरने के बाद दूसरी शादी करने में अधिक समय नहीं लगाते| जबकि विधवा महिला का पुनर्विवाह समाज के परंपरा के विरूद्ध माना जाता है| इस प्रकार वर्तमान समाज में भी स्त्रियों की स्थिति अत्यंत दयनीय है|

कविता के आस-पास

1. किसान अपने व्यवसाय से पलायन कर रहे हैं| इस विषय पर परिचर्चा आयोजित करें तथा कारणों की पड़ताल करें|

उत्तर

यह सच है कि किसान अपने व्यवसाय से पलायन कर रहे हैं| किसानों के बच्चों की भी खेती से दिलचस्पी कम हो रही है जिसका कारण कृषि कार्य में निहित अत्यधिक श्रम है| मानसून की अनियमितता, प्रकृति का प्रकोप जैसे- बाढ़, सूखा, कम आय, कृषि के आधुनिक संसाधनों का अभाव, सिंचाई तथा उर्वरकों का अभाव तथा जमींदारों द्वारा शोषण किसानों के कृषि से पलायन के कई कारणों में से हैं|


Independence Day Sale - upto 80% OFF on Study Rankers premium plan

Get Offline Ncert Books, Ebooks and Videos Ask your doubts from our experts Get Ebooks for every chapter Play quiz while you study

Download our app for FREE

Study Rankers Android App Learn more

Study Rankers App Promo