पाठ 1 - भारत: आकार और स्थिति भूगोल के नोट्स| Class 9th

पठन सामग्री और नोट्स (Notes)| पाठ 1 - भारत: आकार और स्थिति भूगोल (bharat: aakaar aur sthiti) Bhugol Class 9th

इस अध्याय में विषय:

• परिचय
• भारत की स्थिति
• भारत का आकार
• भारत तथा विश्व
• भारत के पड़ोसी देश

परिचय

भारत विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है और इसका इतिहास अद्भुत् रहा है| स्वतंत्रता के पश्चात् भारत ने सामाजिक-आर्थिक रूप से बहुमुखी उन्नति की है। कृषि, उद्योग, तकनिकी और सर्वांगीण आर्थिक विकास में अद्भुत् प्रगति हुई है।

भारत की स्थिति

• भारत उत्तरी गोलार्ध में स्थित है और इसका मुख्य भाग 8⁰4’ उत्तर से 37⁰6’ उत्तर अक्षांश तथा 68⁰7’ पूर्व से 97⁰25’ पूर्व देशांतर तक है।

• कर्क रेखा 23⁰30’ उत्तर में देश को लगभग दो बराबर भागों में बांटती है।

• मुख्य भू-भाग के दक्षिण-पूर्व में, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में तथा दक्षिण-पश्चिम में लक्षद्वीप द्वीप समूह अरब सागर में स्थित है।

भारत का आकार 
 
• भारत के भू-भाग का कुल क्षेत्रफल लगभग 32.8 लाख वर्ग कि.मी. है जो विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 2.4 प्रतिशत है।

• भारत विश्व का सातवाँ बड़ा देश है।

• भारत की स्थल सीमा रेखा लगभग 15,200 कि.मी. और समुद्री तट रेखा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा लक्षद्वीप समूह के साथ 7,516.6 कि.मी. है।

• भारत के उत्तर-पश्चिम, उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी सीमा पर नवीनतम वलित पर्वत है।

• इसके दक्षिण का भू-भाग उत्तर में चौड़ा है और 22⁰ ऊत्री अक्षांश से हिंद महासागर की ओर संकरा होता गया है| इसके पश्चिम में अरब सागर तथा पूर्व में बंगाल की खाड़ी स्थित है।

• अक्षांश और देशांतर का विस्तार लगभग 30⁰ है।

• भारत के पूर्व-पश्चिम का विस्तार उत्तर-दक्षिण के विस्तार की अपेक्षा कम प्रतीत होता है।

• 82⁰30’ पूर्व देशांतर रेखा को भारत की मानक याम्योत्तर माना गया है जो कि उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर से गुजरती है।

• गुजरात से अरूणाचल प्रदेश के स्थानीय समय में दो घंटे का अंतर है| अक्षांश का प्रभाव दक्षिण से उत्तर की ओर, दिन और रात की अवधि पर पड़ता है।

भारत तथा विश्व 

• भारतीय भूखंड एशिया महाद्वीप के पूर्व और पश्चिम के मध्य में स्थित है।

• हिंद महासागर जो कि पश्चिम यूरोपीय देशों और पूर्वी एशियाई देशों को मिलाता है भारत को केन्द्रीय स्थिति प्रदान करता है।

• दक्षिण का पठार हिंद महासागर में शीर्षवत फैला हुआ है और पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप के देशों के साथ-साथ पूर्वी तट के माध्यम से निकटतम सम्बन्ध बनाये हुए हैं।

• हिंद महासागर में किसी भी की तटीय सीमा भारत जैसी नहीं है, भारत की इसी महत्वपूर्ण स्थिति के कारण हिंद महासागर का नाम इसके नाम पर रखा गया है।

• भारत का विश्व के देशों के साथ संपर्क युगों पुराना है, परन्तु यह सम्बन्ध समुद्री जलमार्गों की अपेक्षा भू-भागों से होकर था। प्राचीन काल में समुद्री मार्ग के जानकारी न होने के कारण अनेक यात्री उत्तरी पर्वतों के दर्रों से भारत में आए।

• प्राचीन समय से ही भू मार्गों से ही विचारों और वस्तुओं का आदान-प्रदान होता रहा है।

• इसी प्रकार उपनिषदों के विचार, रामायण तथा पंचतंत्र की कहानियाँ, भारतीय अंक एवं दशमलव प्रणाली के साथ-साथ मसाले, मलमल आदि कपड़े तथा व्यापार के अन्य सामान संसार के विभिन्न भागों तक पहुँच सके।

• इसके विपरीत यूनानी स्थापत्य कला तथा पश्चिमी एशिया की वास्तुकला के प्रतीक मीनारों तथा गुम्बदों का प्रभाव हमारे देश के विभिन्न भागों में देखा गया।

भारत के पड़ोसी देश

• भारत में 28 राज्य और 7 केन्द्रशासित क्षेत्र हैं तथा अपनी भूमि सीमा इनके साथ बाँटते हैं-
→ उत्तर-पश्चिम- पाकिस्तान और अफगानिस्तान।
→ उत्तर- नेपाल, चीन, भूटान।
→ पूर्व- म्यांमार व बांग्लादेश।
→ दक्षिण- श्रीलंका और मालदीव।

• भारत और श्रीलंका के बीच में छोटा समुद्री रास्ता पाक जलसंधि तथा मन्नार की खाड़ी है जो भारत से श्रीलंका को अलग करती है।

• मालदीव, लक्षद्वीप समूह के दक्षिण में स्थित है।

• प्रायद्वीप भूमि का एक टुकड़ा है जो एक तरफ से भूमि से जुड़ा हो और तीन तरफ से पानी से घिरा है।


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