NCERT Solutions for Class 7th: पाठ - 4 गुब्बारे पर चीता (कहानी) हिंदी

NCERT Solutions for Class 7th: पाठ - 4 गुब्बारे पर चीता (कहानी) हिंदी दूर्वा भाग-II

अभ्यास

पृष्ठ संख्या: 21

कहानी से

क. हेडमास्टर साहब ने बच्चों को सरकस में जाने से क्यों मना किया होगा?

उत्तर

हेडमास्टर साहब सरकस में होने वाले खेलों को जानते थे। सरकस वाले होने वाले करतबों को बढ़ा-चढ़ाकर विज्ञापन में दिखाते हैं। जंगली जानवरों के होने से बच्चों के लिए खतरा भी बना रहता है। इसलिए उन्होंने बच्चों को सरकस में जाने से मना किया होगा।

ख. सरकस के बारे में कौन-कौन सी अफ़वाहें फैली हुईं थीं?

उत्तर

सरकस में शेर और बकरी एक बर्तन में पानी पिएँगे, हाथी पैरगाड़ी पर बैठेगा, तोता बंदूक छोड़ेगा और बनमानुष बाबू बनकर मेज पर बैठेगा। सरकस के बारे में ऐसी अफवाहें फैली हुईं थीं।

ग. बलदेव सरकस में जाकर निराश क्यों हो गया?

उत्तर

बलदेव को लगा था कि शक्तिशाली जंगली जानवर तरह-तरह के करतब करेंगें परन्तु जब उसने सरकस में शेर, बाघ, भालू जैसे जानवरों को कमजोर हालत में देखा तो वह निराश हो गया।

घ. बलदेव और चीता दोनों ऊपर उठते जा रहे थे। फिर भी चीते ने बलदेव को कोई नुकसान क्यों नहीं पहुँचाया?

उत्तर

चीता अपने प्राण संकट में देख बहुत डरा हुआ था। वह अपने प्राण बचाने की सोच रहा था, उस समय वह अपना सारा चीतापन भूल गया था इसलिए उसने बलदेव को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया।

ड़. कहानी के इस वाक्य पर ध्यान दो -
"इतने में उसे एक बड़ा भारी गुब्बारा दिखाई दिया" तुम्हें क्या लगता है कि गुब्बारा भारी होता है? लेखक ने उसे भारी क्यों कहा है?

उत्तर

मेरे समझ से गुब्बारा भारी नहीं होता है। लेखक ने गुब्बारे की विशालता दिखाने के लिए उसे भारी कहा है। भारी कहकर लेखक गुब्बारे के बड़े आकार की ओर इशारा कर रहे हैं।

2.  सोचो और बताओ

क. गुब्बारे में से हवा निकलने पर वह नीचे क्यों आने लगता है?

उत्तर

गुब्बारे में गर्म हवा भरी रहती है जो की हल्की होती है, जिसके कारण वह उड़ता है। जब यह हवा निकलने लगती है तो गुब्बारा भारी होने लगता है और गुरुत्वाकर्षण बल के कारण नीचे आने लगता है।

ख. स्कूल में तुम्हें क्या-क्या करने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है?

उत्तर

• शौचालय जाने के लिए
• फोन कॉल करने के लिए
• स्कूल से बाहर जाने के लिए
• अवकाश लेने के लिए
• पानी पीने के लिए
• किसी से मिलने के लिए

घ, सरकस में जानवरों के करतब दिखाए जाते हैं। उनके प्रति क्रूरता बरती जाती है। क्या ऐसे सरकस को मनोरंजन का साधन माना जा सकता है? सरकस को स्वस्थ मनोरंजन का साधन बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए?

उत्तर

जिन सरकस में जानवरों के प्रति क्रूरता बरती जाती है उन्हें मनोरंजन का साधन नहीं माना जा सकता। सरकस को स्वस्थ मनोरंजन का साधन बनाने के लिए जानवरों से हास्य की चीज़ें करवाया जाना चाहिए जिससे उन्हें शारीरिक कष्ट ना हो।

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3. मुहावरे

नीचे लिखे वाक्य पढ़ो। उनमें इस्तेमाल हुए मुहावरों को अपने ढंग से इस्तेमाल करके कुछ और वाक्य बनाओ।

क. बलदेव के तो होश उड़े हुए थे।
► पुलिस को देखते ही चोरों के होश उड़ गए।

ख. बलदेव के दिल में जो बात बैठ जाती; उसे पूरा करके ही छोड़ता।
► दिमाग में जो बात बैठ जाती है, वो जल्दी नहीं हटती।

ग. वह इतना डरा हुआ कि उसके उसके हाथ-पाँव फूल गए।
► जंगल में शेर की दहाड़ सुनकर मोहन के हाथ-पाँव फूल गए।

घ. ऐसा लगा जैसे कि किसी ने चीता का खून चूस लिया हो।
► मालिक ने नौकर से काम करवा-करवाकर खून चूस लिया है।

ड़.  बलदेव का दिल काँप उठा
► महेश को अस्पताल में देख उसके पिताजी का दिल काँप उठा।

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