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BSEB Solutions for मछली (Machhali) Class 10 Hindi Godhuli Part 2 Bihar Board

मछली - विनोद कुमार शुक्ल प्रश्नोत्तर

Very Short Questions Answers (अतिलघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 1. झोले में मछली लेकर दौड़ते हुए लड़कों ने झोले का मुँह क्यों खोल दिया? ..
उत्तर

लड़कों ने झोले का मुँह इसलिए खोल दिया ताकि वर्षा का जल मछलियों को जीवित रखने में झोले के अन्दर आ सके।


प्रश्न 2. संतु मछली को क्यों नहीं छूना चाहता था?
उत्तर

संतू मछली को इसलिए नहीं छूना चाहता था क्योंकि वह छूने से डरता था।


प्रश्न 3. नरेन ने बाल्टी में क्यों हाथ डाला?
उत्तर

नरेन ने बाल्टी में हाथ डालकर मुर्दा सी पड़ी मछली को बाहर निकालकर फर्श पर डाल दिया।


प्रश्न 4. कमरे से दीदी की हल्की सिसकियों की आवाज क्यों आ रही थी?
उत्तर

दीदी की सिसकियों की आवाज कमरे से इसलिए आ रही थी क्योंकि उसके पिताजी ने उसको पीटा था।


प्रश्न 5. पिता जी ने दहाड़ क्यों मारा और क्या कहा?
उत्तर

पिताजी ने सन्तू पर क्रोधित होकर दहाड़ मारा तथा भग्गू से उसके हाथ-पैर तोड़ देने के लिए कहा।


प्रश्न 6. बच्चों ने मछलियों का क्या किया?
उत्तर

बच्चों ने मछलियों को आधे जल से भरी हुई बाल्टी में डाल दिया।


प्रश्न 7. मछली नाली में कैसे चली गई ?
उत्तर

नरेन (लेखक) के हाथ से छूटकर मछली नाली में चली गई।


प्रश्न 8. दीदी क्यों नाराज हुई?
उत्तर

भाइयों को गीले कपड़ों में देखकर दीदी बहुत नाराज हुई।


प्रश्न 9. मछलियों के टुकड़े होने का निहितार्थ क्या है ?
उत्तर

मछलियों के टुकड़े होने का निहितार्थ है कोमल भावना का विनष्ट होना।


प्रश्न 10. झोले में मछलियां लेकर बच्चे दौड़ते हुए पतली गली में क्यों घुस गए ?
उत्तर
झोले में मछलियाँ लेकर बच्चे दौड़ते हुए पतली गली में घुस गए, क्योंकि इस गली में घर नजदीक पड़ता था। दूसरे रास्तों में बहुन भीड़ थी।


प्रश्न 11. मछलियों को लेकर बच्चों की अभिलाषा क्या थी?
उत्तर

मछलियों को लेकर बच्चों के मन में अभिलाषा थी कि एक मछली पिताजी से माँगकर उसे कुएँ में डालकर बहुत बड़ी करेंगे।


प्रश्न 12. मछलियाँ लिए घर आने के बाद बच्चों ने क्या किया ?
उत्तर

मछलियाँ घर लाने के बाद बच्चों ने नहानघर में भरी हुई बाल्टी को आधी करके उसमें . मछलियों को रख दिया।


प्रश्न 13. मछली को छूते हुए संतु क्यों हिचक रहा था ?
उत्तर

संतू मछलियों को छूते हुए हिचक रहा था, क्योंकि उसे डर था कि मछली काट लेगी।


प्रश्न 14. दीदी कहाँ थी और क्या कर रही थी?
उत्तर
दीदी घर के एक कमरे में थी। वह लेटी हुई थी और सिसक-सिसककर रो रही थी। . वह बार-बार हिचकी ले रही थी जिससे उसका शरीर सिहर उठता था।


Short Question Answers (लघु उत्तरीय प्रश्न)

प्रश्न 1. झोले में मछलियाँ लेकर बच्चे दौड़ते हुए पतली गली में क्या घुस गए?
उत्तर
बच्चे चाहते थे मछलियाँ मरे नहीं। क्योंकि एक मछली पिताजी से माग कुओं में बढ़ने के लिए डाल देना है फिर कभी बाल्टी से निकालकर खेलेंगे। पुनः कुआँ में डालेंगे। इसी विचार को लेकर दोनों बच्चे पतली गली से घर की ओर दौड़े| दूसरी बात यह भी था कि पतली गली से जल्दी घर पहुँच जाएंगे तो मछलियाँ भरेगी नहीं इत्यादि।

प्रश्न 2. मछलियों को लेकर बच्चों की अभिलाषा क्या थी?
उत्तर
एक मछली पिताजी से माँगकर कुआँ में डालूँगा; जब बड़ी होगी तो बाल्टी से निकालकर उससे खेलूंगा। 'पुनः मछली को कुआँ में गिरा दूंगा।

प्रश्न 3. मछलियाँ लिए घर आने के बाद बच्चों ने क्या किया?
उत्तर
मछलियों को घर लाने के बाद बच्चों ने उसे स्नान घर में पानीयुक्त बाल्टी में रखा। फिर अपने कपड़े निचोड़े और मरी मछली की आँख में अपनी छाया देखी।

प्रश्न 4. मछली को छूते हुए संतू क्यों हिचक रहा था ?
उत्तर
संतू छोटा है। वह मछली से डरता है। उसे लगता है कि मछली काट लेगा। इसलिए मछली छूते हुए वह हिचक रहा था।

प्रश्न 5. मछली के बारे में दीदी ने क्या जानकारी दी थी? बच्चों ने उसकी परख कैसे की?
उत्तर
मछली के बारे में दीदी ने जानकारी दी कि मरी मछली की आँखों में परछाई नहीं दिखाई पड़ती है। बच्चों ने मछली की आँख में झाँककर मरी मछली को परख किया।

प्रश्न 6. संतू क्यों उदास हो गया ?
उत्तर
"मछली आज ही बनेगा" लेखक के कथन के बाद संतू पूछता है "भैया ! मछली अभी कट जायेगी ? तो लेखक ने कहा-"हाँ ! हाँ सुनकर संतू उदास हो गया।

प्रश्न 7. घर में मछली कौन खाता था और वह कैसे बनायी जाती थी?
उत्तर
घर में मछली पिताजी खाते थे और भग्गू उसे पहले पटक-पटककर मार देता था फिर उस पर राख लपेटकर पाटा पर रखकर काटता था।

प्रश्न 8. दीदी कहाँ थी और क्या कर रही थी?
उत्तर
दीदी अपने कमरे में सो रही थी।

प्रश्न 9. अरे-अरे कहता हुआ भग्गू किसके पीछे भागा और क्यों ?
उत्तर
अरे-अरे कहता हुआ भग्गू संतू के पीछे भागा क्योंकि संतू मछली लेकर कुएँ में डालने के लिए कुएँ के तरफ दौड़ा।

प्रश्न 10. मछली और दीदी में क्या समानता दिखलाई पड़ी? स्पष्ट करें।
उत्तर
मछली जब झोले में थी तो छटपटा रही थी। दीदी भी अपनी साडी के आँचल से मुँख को ढंककर छटपट कर रही थी। यदि मछलियाँ अपने को काटे जाने के डर से छट-पट करती है तो दीदी मछली को काटे जाने के नाम पर छटपटा रही है जिससे लेखक को मछली और दीदी में समानता दिखलाई पड़ी।

प्रश्न 11. पिताजी किससे नाराज थे और क्यों?
उत्तर
पिताजी नरेन (लेखक) से नाराज थे। क्योंकि दीदी से मछली अब काटी जायेगी यह बात नरेन ही बताया था। दीदी मछली के काटे जाने की बात सुनकर सिसक-सिसककर रो रही थी।

Long Question Answer (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)


प्रश्न 1. संतू के विरोध का क्या अभिप्राय है ?
उत्तर 
संतू मछली नहीं खाता है। उसकी हार्दिक इच्छा है कि मछली को कुआँ में डाला जाए। लेकिन भग्गू मछली काटने लगता है तो अहिंसक स्वभाव वाला संतू विरोध दर्शाने के लिए एक मछली को लेकर कुआँ में डालने के लिए लेकर जल्दी से भागता है तथा भग्गू द्वारा पकड़ा जाने पर भी विरोध करता है जिसका अभिप्राय मात्र मछली की रक्षा करना है।


प्रश्न 2. दीदी का चरित्र चित्रण करें।
उत्तर
लेखक की दीदी अत्यन्त कोमल स्वभाव वाली है। किसी जीव-जन्तु को मरना या मारे जाने की बात सुनकर भी उसका हृदय द्रवित हो उठता है। वह रोने लगती है जिससे पता चलता है कि दीदी अहिंसक स्वभाव वाली है। किसी के दु:ख को देखकर वह भाव-विह्वल हो उठती है। वह मछली खाती भी नहीं है।

प्रश्न 3. कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट करें।
उत्तर
कहानीकार ने अपनी कहानी का शीर्षक मछली ही रखा क्योंकि मछली को मारना या खाना लोगों का स्वभाव हो गया है। परन्तु कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो मछली को मारना या खाना नहीं चाहते हैं जिससे उसकी अहिंसक प्रवृति का पता चलता है।
कहानीकार ने मछली शीर्षक के द्वारा यह कहना चाहता है कि बच्चों में मछली के साथ खेलने की इच्छा अधिक होती है। मछली के माध्यम से लेखक अपनी दीदी के स्वभाव का भी परिचय दे देता है तथा भग्गू जैसे लोगों के स्वभाव को भी दर्शाया है जो मछली को काटने में हिचकते नहीं।
कहानी का आरम्भ मछली के खरीदने से होता है। फिर मछली के रक्षण की बात होती है जिससे बाल स्वभाव का सहज दर्शन करा दिया जाता है। कहानी के अंत भी मछली से होता है। इस प्रकार सारी कहानी का प्लाट मछली पर ही आधारित है। अतः "मछली" शीर्षक ही सार्थक है।

गद्यांशों पर आधारित प्रश्नोत्तर

1. दौड़ते हुए हम लोग एक पतली गली में घुस गए। इस गली से घर नजदीक पड़ता था। दूसरे रास्तों में बहुत भीड़ थी। बाजार का दिन था। लेकिन बूंदें पड़ने से भीड़ के बिखराव में तेजी आ गई थी। दौड़ इसलिए रहे थे कि डर लगता था कि मछलियाँ बिना पानी के झोले में ही न मर जाएँ। झोले में तीन मछलियाँ थीं। एक तो उसी वक्त मर गई थी जब पिताजी खरीद रहे थे। दो जिन्दा थीं। झोले में उनकी तड़प के झटके मैं जब तब महसूस करता था। मन ही मन सोच रहा था कि एक मछली पिताजी से जरूर माँग लगेंगे। फिर उसे कुएँ में डालकर बहुत बड़ी करेंगे। जब मन होगा बाल्टी से निकालकर खेलेंगे। बाद में फिर कुएँ में डाल देंगे।

प्रश्न.
(क) प्रस्तुत गद्यांश किस पाठ से लिया गया है? और इसके लेखक कौन हैं ?
(ख) बच्चों ने गली का रास्ता क्यों पकड़ लिया?
(ग) बच्चों की कौन-सी उत्कंठा थी?
(घ) झोले में कितनी मछलियाँ थीं?

उत्तर

(क) प्रस्तुत गद्यांश मछली शीर्षक पाठ से लिया गया है। इसके लेखक विनोद कुमार शुक्ल हैं।

(ख) बाजार का दिन होने और हल्की वर्षा होने के कारण दूसरे रास्तों में काफी भीड़ थी। गली से घर नजदीक पड़ता था। घर जल्दी पहुंचने के उद्देश्य से बच्चों ने गली का रास्ता पकड़ लिया।

(ग) बाजार से तीन मछलियाँ खरीदी गई थीं। एक मछली को वे पिताजी से मांग कर कुआँ – में डालना चाहते थे। कुआँ में डालकर वे मछली के साथ खेलना चाहते थे।

(घ) झोले में तीन मछलियाँ थीं।


2. नहानघर का दरवाजा अंदर से हम लोगों ने बंद कर लिया था। भरी हुई बाल्टी थी, उसे आधी खाली कर मैंने झोले की तीनों मछलियाँ उड़ेल दीं। अगर बाल्टी भरी होती तो मछली नाली में घुस गई थी। हाथों से मैंने और सन्तू ने टटोल-टटोलकर ढूँढा था। जब दिखी नहीं तो हम घर के पीछे जाकर खड़े हो गए थे जहाँ घर की नाली एक बड़ी नाली से मिलती थी। गंदे पानी में मछली दिखी नहीं। दीदी ने बताया था कि वह मछली इस नाली से शहर की सबसे बड़ी नाली में जाएगी फिर शहर से तीन मील दूर मोहरा नदी में चली जाएगी।

प्रश्न.
(क) बच्चों ने मछलियों का क्या किया?
(ख) नहानघर की नाली में गिरी हुई मछली के बारे में दीदी ने क्या बताया था ?
(ग) मछली नाली में कैसे चली गई थी?
(घ) मोहरा नदी शहर से कितनी दूर पर बहती है ?

उत्तर

(क)बच्चों ने मछलियों को आधे जल से भरी हुई बाल्टी में डाल दिया।

(ख) दीदी ने बताया था कि वह मछली इस नाली से शहर की सबसे बड़ी नाली में जाएगी और शहर से तीन मील दूर मोहरा नदी में चली जाएगी।

(ग) लेखक के हाथ से छूटकर मछली नाली में चली गई थी।

(घ) मोहरा नदी शहर से तीन मील की दूरी पर बहती है।


3. गीले कपड़ों में देखकर दीदी बहुत नाराज हुई। फिर प्यार से समझाया। संतू को दीदी ने खुद अपने हाथों से जानें क्यों अच्छे-अच्छे कपड़े पहनाएँ। मैं घर के धोए कपड़े पहन रहा था तो दीदी ने कहा कि धोबी के धुले कपड़े पहन लें। फिर दीदी ने पेटी से मेरे लिए कपड़े निकाल – दिए। संतू के बड़े-बड़े बाल थे इसलिए अभी तक गीले थे। दीदी ने संतू के बालों को टॉवेल से पोंछकर उसके बाल संवार दिए।

प्रश्न.
(क) दीदी क्यों नाराज हुयी?
(ख) दीदी ने क्या किया ?.
(ग) उल्लिखित गद्यांश के आधार पर तर्क सहित बताएं कि दीदी का स्वभाव कैसा था?

उत्तर

(क) भाइयों को गीले कपड़ों में देखकर दीदी बहुत नाराज हुई।

(ख)अपनी नाराजगी जाहिर करने के बाद दीदी ने भाइयों को प्यार से समझाया। संतू को खुद अच्छे-अच्छे कपड़े पहनाए। फिर टॉवेल से उसके बाल सुखाकर उसके बाल झाड़े। नरेन को धोबी के साफ किए कपड़े पहनने को कहा।

(ग) दीदी ममतामयी थी। भाइयों से बहुत स्नेह करती थी यही कारण है कि गोले कपड़ों में भाइयों पर नाराज हुई। फिर प्यार से समझाया। संतू के कपड़े बदलवाए उसके बाल सँवारे और नरेन को धोबी के धुले कपड़े पहनने के लिए निकाल कर दिए। .


4. तीनों मछलियों के कई टुकड़े हो गए थे। पाटे के पास मछलियों के गोल-गोल चमकीले पंख पड़े थें। दीदी जहाँ लेटी थी, उस समय कमरे का दरवाजा खुला था। शायद माँ अन्दर थीं। पिताजी दरवाजे के पास गुस्से से टहल रहे थे। दीदी की सिसकियाँ बढ़ गई थी। मुझे लगा कि पिताजी ने दीदी को मारा है।

प्रश्न.
(क) मछलियों के टुकड़े होने का निहितार्थ क्या है ?
(ख) दीदी की सिसकियाँ क्यों बढ़ गई थीं?
(ग) पिताजी का दीदी को मारना क्या प्रदर्शित करता है ?

उत्तर

(क) मछलियों के टुकड़े होने का निहितार्थ है कोमल भावनाओं का नष्ट होना।

(ख) दीदी को पिताजी ने मारा था, इसलिए उनकी सिसकियाँ बढ़ गई थीं।

(ग) पिताजी द्वारा दीदी. को मारना दोहरी मानसिकता का प्रतीक है जिसमें बेटा-बेटी में फर्क और निर्भर परनिर्भर में भेद स्पष्ट होता है।


5. घर में मछली काटने के लिए एक अलग से पाटा था। उस पाटे के ऊपर ही मछली रखकर काटी जाती थी। पाटे में चक्कू के आड़े-तिरछे निशान बन गए थे। यह पाटा परछी में ड्रम के पीछे रखा रहता था। जिस रोज मछली बनती थी उसी रोज यह पाटा निकाला जाता था। घर का नौकर मछली काटा करता था। पानी का गिरना बिल्कुल बंद हो गया था। आँगन में आकर मैंने देखा जिस जगह मछली काटी जाती थी वहाँ वही पाटा धुला हुआ रखा था। पास में थोड़ी चूल्हे की राख थी। मैंने सोचा भग्गू कुआँ के पास चक्कू में धार कर रहा होगा। नहानघर का दरवाजा पूरा खुला था। मुझे बाल्टी दिख रही थी जिसमें मछलियाँ थीं। माँ वहाँ नहीं थी। शायद ऊपर होगी। माँ को घर में मछली, गोश्त बनना अच्छा नहीं लगता था। पिताजी ने कई बार चाहा किं हम लोग भी मछली, गोश्त खाया करें, लेकिन माँ ने सख्ती से मना कर दिया था। और, किसी को अच्छा भी नहीं लगता था, केवल पिताजी खाते थे।

प्रश्न.
(क) पाठ तथा लेखक का नाम लिखिए।
(ख) घर में मछली काटने का साधन क्या था?
(ग) घर में मछली कौन काटता था?
(घ) माँ को क्या अच्छा नहीं लगता था?
(ङ) घर में मछली कौन खाते थे?

उत्तर

(क) पाठ का सारांश-मछली।
लेखक का नाम-विनोद कुमार शुक्ला

(ख) घर में मछली काटने के लिए एक अलग से पाटा था।

(ग) घर का नौकर मछली काटता था।

(घ) मछली, गोश्त बनाना माँ को अच्छा नहीं लगता था।

(ङ) घर में केवल पिताजी मछली खाते थे।


6. भग्गू को जैसे मालूम था कि मछलियाँ नहानघर में हैं। आते ही वह अंगोछे में तीनों मछलियाँ निकाल लाया। कुएँ में मछली पालने का उत्साह.बुझ-सा गया था। पिताजी शायद अभी तक आए नहीं थे। कमरे में जाकर देखा तो सच में दीदी करवट लिए लेटी थी। संतू को मैंने इशारे से बुलाया कि वह भी गीले कपड़े बदल ले। शायद कुछ आहट हुई होगी। दीदी ने पलटकर हमें देखा। गीले कपड़ों में देखकर दीदी बहुत नाराज हुई। फिर प्यार से समझाया। संतू को दीदी ने खुद अपने हाथों से न जाने क्यों बहुत अच्छे-अच्छे कपड़े पहनाए। मैं घर के धोए कपड़े पहन रहा था तो दीदी ने कहा कि धोबी के धुले कपड़े पहन लूँ। फिर दीदी ने पेटी से मेरे लिए कपड़े निकाल दिए। संतू के बड़े-बड़े बाल थे, इसलिए अभी तक गीले थे। दीदी ने संतू के बातों को टॉवेल से पोंछकर, उनमें तेल लगाया। बाएँ हाथ से संतू की ठुड्डी पकड़कर दीदी ने उसके बाल सँवार दिए। जब दीदी संतू के बाल संवार रही थी तो संतू अपनी बड़ी-बड़ी आँखों से दीदी को टकटकी बाँधे देख रहा था। सभी कहते थे कि दीदी बहुत सुन्दर है।

प्रश्न.
(क) पाठ तथा लेखक का नाम लिखें।
(ख) भग्ग को क्या मालूम था और उसने आते ही क्या किया?
(ग) कमरे में कौन थी?
(घ) दीदी क्यों नाराज हुई?
(ङ) दीदी ने संतू के लिए क्या किया?

उत्तर

(क) पाठ का नाम मछली
लेखक का नाम-विनोद कुमार शुक्ला

(ख) भग्गू को जैसे मालूम था कि मछलियाँ नहानघर में हैं। आते ही वह अंगोछे में तीनों मछलियाँ निकाल लाया।

(ग) कमरे में दीदी करवट लिए लेटी थी।

(घ) बच्चों को गीले कपड़ों में देखकर दीदी बहुत नाराज हुई।

(ङ) दीदी ने संतू को अपने हाथों से अच्छे-अच्छे कपड़े पहनाए एवं उसके बाल संवारे।

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