>

Extra Questions for Class 10 Sparsh Chapter 4 मनुष्यता Hindi

You will find Extra Questions for Class 10 Sparsh Chapter 4 मनुष्यता Hindi with answers on this page which will increase concertation among students and have edge over classmates. A student should revise on a regular basis so they can retain more information and recall during the precious time. These extra questions for Class 10 Hindi Sparsh play a very important role in a student's life and developing their performance.

Chapter 4 मनुष्यता Extra Questions for Class 10 Sparsh Hindi will make the process interesting and help you cover the syllabus quickly. Every student needs to know how to write answers to score full marks which can be understood by the modal answers given.

Extra Questions for Class 10 Sparsh Chapter 4 मनुष्यता Hindi

Chapter 4 मनुष्यता  Sparsh Hindi Extra Questions for Class 10


1. कवि ने सुमृत्यु किसे कहा है?

उत्तर

कवि का मानना है कि जो मनुष्य मरने के बाद भी याद किया जाता है, उसी की मृत्यु सुमुत्यु है। यह संसार मरणशील है किंतु जो मनुष्य परोपकार का जीवन जीता है और जिसके सद्गुणों के कारण मरने के बाद भी लोग उसे याद करते हैं, उसी की मृत्यु वास्तव में सुमृत्यु है।

2. पशु-प्रवृत्ति क्या होती है?

उत्तर

पशु प्रवृत्ति से तात्पर्य पशुओं जैसे स्वभाव का। पशुओं में बुद्धि नहीं होती, वे केवल अपना पेट भरना जानते हैं| वे दूसरों का भला नहीं कर सकते और केवल अपने पेट की भूख को शांत करते हुए अपना पूरा जीवन बिता देते हैं|

3. पृथ्वी किसका आभार मानती है और क्यों?

उत्तर

पृथ्वी उस मनुष्य का आभार मानती है जो उदार हृदय होता है| जो मनुष्य परोपकारी होता है और अन्य मनुष्यों की सहायता करता है, पृथ्वी उसके सद्गुणों को देखकर प्रसन्न होती है और उसके प्रति आभार व्यक्त करती है।

4. समस्त संसार का पूजनीय कौन होता है?

उत्तर

कवि के अनुसार जो मनुष्य संपूर्ण विश्व के प्राणियों के साथ आत्मीयता का व्यवहार करता है, वह सारे संसार के लिए पूजनीय होता है। ऐसा मनुष्य सभी प्राणियों में अपनेपन का भाव उत्पन्न कर सभी को अपना बना लेता है।

5. कवि के अनुसार कोई भी स्वयं को अनाथ क्यों न समझे?

उत्तर

कवि का मानना है कि परमात्मा के हाथ बड़े विशाल हैं। उनके होते हुए कोई भी अनाथ नहीं हो सकता। ईश्वर दयालु है और वह सबका ध्यान रखते हैं। जो व्यक्ति अधीर या बेचैन होता है, वह बड़ा भाग्य हीन है। प्रभु के रहते घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

6. कवि ने उदार व्यक्ति की क्या पहचान बताई है?

उत्तर

कवि ने उदार व्यक्ति उसे कहा है जो दूसरों के प्रति दया भाव, सहानुभूति, करुणा भाव,परोपकार, दानशीलता, विवेकशीलता, धैर्य दिखाए| इस प्रकार के व्यक्ति को समस्त संसार में यश और सम्मान प्राप्त होता है|

7. “मनुष्य मात्र बंधु है' से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर

मनुष्य मात्र बंधु है से तात्पर्य है कि सभी मनुष्य आपस में भाई बंधु हैं, क्योंकि सभी का पिता एक ईश्वर है। इसलिए सभी को प्रेम भाव से रहना चाहिए, सहायता करनी चाहिए। कोई पराया नहीं है। सभी एक दूसरे के काम आएँ।

8. सबसे बड़ा विवेक क्या है?

उत्तर

कवि के अनुसार सबसे बड़ा विवेक सभी मनुष्यों में भाईचारे की भावना को उत्पन्न करना है। विश्वबंधुत्व का भाव जगाना ही सबसे बड़ा विवेक है।

9. कवि ने सबसे बड़ी पूँजी किसे कहा है?

उत्तर

कवि ने सबसे बड़ी पूँजी सहानुभूति को कहा है। जिस मनुष्य के हृदय में दूसरों के प्रति करुणा का भाव है, वही मनुष्य धनवान है। दूसरों के प्रति करुणा का भाव होना ही संसार की सबसे बड़ी पूँजी है।

10. दधीचि, रंतिदेव और शिवि ने मानव कल्याण के लिए क्या-क्या किया?

उत्तर

ऋषि दधीचि ने वृत्रासुर को मारने के लिए शस्त्र बनाने हेतु अपनी अस्थियाँ दान की। रंतिदेव ने मानव-कल्याण
के लिए अपने राज्य का त्याग कर दिया। राजा शिवि ने अपने शरीर की चिंता न करते हुए कबूतर के प्राणों की रक्षा की।

11. कवि ने किसका घमंड न करने की बात कही है?

उत्तर

कवि ने धन-संपत्ति का घमंड न करने की बात कही है। कवि के अनुसार धन तुच्छ वस्तु है। इस बात के गर्व में अँधा होकर दूसरों की उपेक्षा नही करनी नहीं चाहिए|

12. किसका मोह व्यर्थ है और क्यों?

उत्तर

कवि के अनुसार मनुष्य को अपनी मरणशील देह के लिए मोह नहीं करना चाहिए, क्योंकि एक दिन मरने के बाद उसकी देह नष्ट हो जाएगी।
Previous Post Next Post
X
Free Study Rankers App Download Now