NCERT Solutions for Class 10th: काम, आराम और जीवन इतिहास

संक्षेप में लिखें-

1. अठारहवीं सदी के मध्य से लंदन की आबादी क्यों फैलने लगी? कारण बताइए।

उत्तर


अठारहवीं सदी के मध्य से लंदन की आबादी फैलने के निम्नलिखित कारण थे-
• 1810 से 1880 के बीच सत्तर वर्षों में लंदन की जनसंख्या 10 लाख से बढ़कर 40 लाख हो गई।
• कुशल एवं शारीरिक श्रम करने वालों की संख्या में वृद्धि।
• पांच प्रकार के उद्योग के कारण अवसरों की अधिकता।
• कारखाने, मोटरकार और बिजली उपकरण खुलने से लंदन की तरफ लोगों का आकर्षण बढ़ा।

2. उन्नीसवीं और बीसवीं सदी के बीच लंदन में औरतों के लिए उपलब्ध कामों में किस तरह के बदलाव आए? ये बदलाव किन कारणों से आए?

उत्तर

• अठारहवीं शताब्दी के अंत में तथा उन्नीसवीं सदी के आरंभिक दशकों में बहुत-सी औरतें फैक्ट्रियों में काम करती थीं। परंतु ज्योंज्यों तकनीक में सुधार आया और मशीनें आ गईं, कारखानों में औरतों की नौकरियाँ छिनने लगीं। अब वे घरेलू कामों में सिमट कर रह गईं।
• बहुत-सी औरतें परिवार की आय बढ़ाने के लिए अपने मकान में या तो किसी को किराये पर रख लेती थीं या घर पर ही रहकर सिलाई-बुनाई, कपड़े धोने या माचिस बनाने जैसे कार्य करती थीं। 
• बीसवीं सदी में एक बार फिर स्थिति में बदलाव आया। अब औरतों को युद्धकालीन उद्योगों और दफ्तरों में काम मिलने लगा। इसका कारण यह था कि प्रथम विश्व युद्ध में बहुत से लोगों को सेना में भर्ती कर लिया गया था जिससे श्रम का अभाव हो गया था। इस प्रकार औरतें घरेलू काम छोड़ कर फिर बाहर आने लगीं।

3. विशाल शहरी आबादी के होने से निम्नलिखित पर क्या असर पड़ता है? ऐतिहासिक उदाहरणों के साथ समझाइए।

(क) जमींदार
(ख) कानून-व्यवस्था सँभालने वाला पुलिस अधीक्षक
(ग) राजनीतिक दल का नेता

उत्तर


(क) विशाल शहरी आबादी से ज़मींदारों को लाभ पहुँचता था। उदाहरण के तौर पर औद्योगिक क्रांति के पश्चात् लोग बहुत बड़ी संख्या में शहरों की ओर जाने लगे जिससे लंदन जैसे पुराने शहरों की आबादी तेजी से बढ़ने लगी। फैक्टरी मालिक प्रवासी मज़दूरों को रहने की जगह नहीं देते थे। अत: जिन लोगों के पास जमीन थी वे इन नवागंतुकों के रहने के लिए सस्ते टेनेमेंट्स बनाने लगे। भले ही ये टेनेमेंट्स असुरक्षित थे, तो भी इनके स्वामी अथवा ज़मींदार किराये के रूप में खूब धन कमाने लगे।

(ख) बड़ी जनसंख्या वाले शहरों में कानून-व्यवस्था संभालने वाले पुलिस अधीक्षक के लिए कठिनाई पैदा हो जाती है। उदाहरण के लिए आबादी बढ़ने पर लंदन तरह-तरह के अपराधियों की शरण-स्थली बन गया। एक अनुमान के मुताबिक 1870 के दशक में लंदन में लगभग बीस हज़ार अपराधी रहते थे। लंदन की सड़कों पर ठगों, जालसाजों, जेबकतरों आदि की भरमार रहती थी। इसलिए शासन ने जनता को अनुशासित करने के लिए अपराधों के लिए कड़े दंड निश्चित किए।

(ग) पुलिस की तरह बड़ी आबादी वाले शहरों में राजनीतिक नेताओं अथवा सरकार के लिए कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। लोग सविधाओं के अभाव में तथा विभिन्न अधिकार न मिलने पर आंदोलन करने लगते हैं। सरकार विरोधी नारे लगाए जाते हैं और नेताओं के पुतले फूंके जाते हैं। इसका लाभ उठाकर विरोधी दल के नेता जनमत को बड़ी चालाकी से अपने पक्ष में कर लेते हैं। लंदन में भी इस प्रकार के कई आंदोलन चले। औरतों के लिए मताधिकार तथा संपत्ति के अधिकार के आंदोलन इसके उदाहरण हैं।

4. निम्नलिखित की व्याख्या करें:
(क) उन्नीसवीं सदी में धनी लंदनवासियों ने गरीबों के लिए मकान बनाने की जरूरत का समर्थन क्यों किया?
(ख) बंबई की बहुत सारी फिल्में शहर में बाहर से आने वाली जिंदगी पर आधारित क्यों होती थीं?
(ग) उन्नीसवीं सदी के मध्य में बंबई की आबादी में भारी वृद्धि क्यों हुई?

उत्तर

(क) उन्नीसवीं सदी में धनी लंदनवासियों ने गरीबों के लिए मकान बनाने की जरुरत का समर्थन के निम्नलिखित कारण थे:
• लंदन में 10 लाख से भी अधिक अल्पकुशल मजदुर थे जो बहुत ही गरीब थे और एक सर्वेक्षण में पाया गया कि इनकी किसी 'वर्कशॉप, अस्पताल या पागलखाने में मरने की संभावना अधिक है|
• गरीबों के एक कमरे वाले मकानों को जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरा माना जाने लगा था। इन मकानों में भीड़ रहती थी, वहाँ हवा-निकासी का इंतजाम नहीं था और साफ-सफाई की सुविधाएँ नहीं थीं।
• खस्ताहाल मकानों के कारण आग लगने का खतरा बना रहता था।
• इस विशाल जनसमूह के कारण सामाजिक उथल-पुथल की आशंका दिखाई देने लगी थी। 1917 की रूसी क्रांति के बाद यह डर काफी बढ़ गया था|
• लंदन के गरीब कहीं विद्रोह न कर डालें, इस आशंका से निपटने के लिए मजदूरों के लिए आवासीय योजनाएँ शुरू की गईं।

(ख) • अधिकांश फिल्म निदेशक, फिल्म प्रोडयूसर, पटकथा लेखक नाटककार और कलाकार अप्रवासी थे जो बम्बई में दूर-दूर से आए थे। इसलिए वे उनसे ही सम्बन्धित प्रसंगों में अधिक रुचि रखते थे। 
• पहले फिल्मों के कुछ गीत जैसे - सी आई डी (1956) और गेस्ट हाउस (1959) कुछ अन्य फिल्मों के संगीत अप्रवासियों की समस्याओं से सम्बन्धित थे। फिल्म सीआईडी का गीत ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां जरा हट के जरा बच के यह है बाम्बे मेरी जान।
• अप्रवासी विशेष रूप से श्रमित और फैक्टरी कर्मचारी जो कारणिक जीवन जी रहे थे उनके जीवन को आसानी से फिल्म प्रसंगों मे बदला जा सकता था।

(ग) 1819 में बंबई को बंबई प्रेसीडेंसो की राजधानी बना दिया गया। राजधानी बनने के बाद यहाँ की जनसंख्या तेजी से बढ़ने लगी। कपास और अफ़ीम के व्यापारी और महाजन बढ़ते हुए व्यापार के कारण तरह-तरह के कारीगर और दुकानदार भी बंबई में आकर रहने लगे। 1854 में पहली कपड़ा मिल खुलने के साथ ही यहाँ पर रोज़गार की तालाश में लोगों ने भारी संख्या में आना शुरू कर दिया। दो प्रमुख रेलवे नेटवर्कों का जंक्शन होने के कारण बंबई में आने वालों को और अधिक आसानी हो गई। प्लेग की महामारी से बचने के लिए 1898 में बड़ी संख्या में लोग बंबई आ पहुँचे|

चर्चा करें-

1. लोगों को मनोरंजन के अवसर उपलब्ध करने के लिए इंग्लैंड में उन्नीसवीं सदी में मनोरंजन के कौन कौन से साधन सामने आए।

उत्तर

• ब्रिटेन के धनी लोगों के लिए 'लंदन सीजन' की परंपरा बहुत पहले से ही चली आ रही थी। अठारहवीं शताब्दी के अंतिम दशकों में 300-400 संभ्रांत परिवारों के लिए ऑपेरा, रंगमंच और शास्त्रीय संगीत आदि कई प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन किए जाते थे।
• मेहनत-मजदूरी करने वाले लोग अपना खाली समय पब या शराबघरों में व्यतीत करते थे। इस अवसर पर वे समाचारों का आदान-प्रदान करते थे और कभी-कभी राजनीतिक विषयों पर भी बातचीत करते थे।
• लोगों को इतिहास का बोध कराने और लोगों को ब्रिटेन की उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए बहुत से पुस्तकालय, कला दीर्घाएँ और संग्रहालय खोले गए। 
• निचले वर्ग के लोगों में संगीत सभा काफ़ी लोकप्रिय थी।
• बीसवीं सदी तक विभिन्न वर्गों के लोगों के लिए सिनेमा भी मनोरंजन का महत्त्वपूर्ण साधन बन गया।
• ब्रिटेन के कारखाना मज़दूर छुट्टी वाले दिनों में समुद्र के किनारे बैठकर खुली धूप और स्वच्छ हवा का लुत्फ उठाते थे।

2. लंदन में आए उन सामाजिक परिवर्तनों की व्याख्या करें जिनके कारण भूमिगत रेलवे की जरूरत पैदा हुई। भूमिगत रेलवे के निर्माण की आलोचना क्यों हुई?

उत्तर

• औद्योगिक विस्तार के कारण लंदन में अप्रवासी मज़दूरों की संख्या बहुत अधिक बढ़ गई थी। उनके लिए आवास की समस्या विकट होती जा रही थी।
• शहर के आसपास यानी उपशहरी बस्तियों के अस्तित्व में आने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अनिवार्य हो चुकी थी।
• नई योजना में मजदूरों के कारखानों तक आने-जाने के लिए भूमिगत रेलवे के निर्माण की आवश्यकता अनुभव की गई।
भूमिगत रेलवे के निर्माण की शुरुआत में काफी आलोचना हुई-
• लोग भूमिगत यात्रा करने से डरते थे।
• डब्बों में यात्री पाइप पीते थे जो खतरनाक था।
• डब्बे सल्फर, कोयले की धूल तथा ऊपर लगे गैस लैंप से निकलने वाली गंध से भरे रहते थे। इससे यात्रियों का दम घुटने लगता था।
• बहुत से लोगों का मानना था कि इन 'लौह दैत्यों' ने शहर में अफरा-तफ़री फैला दी है और अस्वास्थ्यकर वातावरण उत्पन्न कर दिया है।
• रेलवे निर्माण की प्रक्रिया भी काफ़ी खर्चीली तथा त्रुटिपूर्ण थी।

3. पेरिस के हॉसमानीकरण का क्या अर्थ है? इस तरह के विकास को आप किस हद तक सही या गलत मानते हैं? इस बात का समर्थन या विरोध करते हुए अखबार के संपादक को पत्र लिखिए और उसमें अपने दृष्टिकोण के पक्ष में कारण दीजिए।

उत्तर

पेरिस के हॉसमानीकरण से अर्थ है-पेरिस (फ्रांस) नगर का पुनर्निर्माण और उसकी सुंदरता में वृद्धि करना। यह काम फ्रांस के शासक लुई नेपोलियन III ने करवाया था। वह नेपोलियन बोनापार्ट का भतीजा था और 1852 में फ्रांस का सम्राट् बना था। उसने नए पेरिस के निर्माण का काम बैरॉन हॉसमान नामक वास्तुकार से करवाया था। उसी के नाम पर पेरिस में हुए इस कार्य को पेरिस का हॉसमानीकरण कहा जाता है। हॉसमान ने किसी प्रकार के विद्रोह की आशंका को समाप्त करने के लिए सबसे पहले शहर में से ग़रीबों की बस्तियों को साफ़ करवा दिया था। हॉसमानीकरण के बाद पेरिस में हर सड़क, हर गली और हर भवन एक ही जैसा दिखता था। वह बिलकुल कृत्रिम शहर लगता था। किसी भी मुहल्ले की अपनी अलग पहचान ही नहीं थी।

हॉसमानीकरण के समर्थन में:
• इस काम से पेरिस में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला।
• सौंदर्य की नगरी यह नई राजधानी पूरे यूरोप के लिए ईर्ष्या का विषय बन गई।
• पेरिस ऐसे बहुत से वास्तुशिल्पों तथा सामाजिक एवं बौद्धिक प्रयोगों का केंद्र बन गया जिसने लंबे समय तक केवल यूरोप ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व पर अपना प्रभाव डाला। 

हॉसमानीकरण के विरोध में:
• पुनः निर्माण अभियान के दौरान 3,50,000 लोगों को उजाड़ दिया गया था।
• कुछ संपन्न लोगों का कहना था कि शहर को अत्याचारी तरीके से बदला गया है।
• कुछ लोगों ने पुरानी जीवन शैली के समाप्त होने तथा एक उच्च वर्गीय संस्कृति के स्थापित होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया|
• सड़कों को नया रूप देने के लिए इतनी अधिक तोड़-फोड़ हुई कि लोग यह कहने लगे कि हॉसमान ने सड़कों के जीवन और सड़कों को मार डाला।

4. सरकारी नियमन और नए कानूनों ने प्रदूषण की समस्या को किस हद तक हल किया? निम्नलिखित के स्तर में परिवर्तन के लिए बने कानूनों की सफलता और विफलता का एक एक उदाहरण दीजिए:
(क) सार्वजनिक जीवन
(ख) निजी जीवन

उत्तर

किसी शहर में प्रदूषण की दरों को नियंत्रित करने में सरकारी कानून महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालाँकि, केवल कानून पारित करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें ठीक से लागू करने की आवश्यकता है। यह भी एक तथ्य है कि लोग कानूनों को तोड़ने के रास्ते तलाशते हैं। इसलिए, कानूनों के अलावा, सरकार को जनता को शिक्षित करने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के तरीकों के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से गहन जन जागरूकता कार्यक्रम चलाने की आवश्यकता है।

सार्वजनिक जीवन:
• विफलता: भूमिगत रेलवे ने परिवहन में वृद्धि की, लेकिन कई घरों को ध्वस्त कर दिया, जिससे कई निवासी को बेघर कर दिया।
• सफलता: ब्रिटिश राज्य ने कामगार वर्गों के लिए मनोरंजन रूपों जैसे संग्रहालयों, कला दीर्घाओं और पुस्तकालयों के लिए सार्वजनिक धन का उपयोग किया।

निजी जीवन:
• विफलता: औद्योगिक क्रांति की अवधि के एक प्रमुख हिस्से में एक कमरे वाले मकानों और कोई आवासीय सुविधा की उपलब्धता के कारण परिवार छोटी इकाइयों में विभाजित हो गए। यहां तक ​​कि ऐसे मामले भी थेजहाँ ग्रामीण लोगों को अपने परिवारों को पीछे छोड़ना पड़ा और शहरी क्षेत्रों में अकेले रहना पड़ा, जहां उन्होंने काम किया था।
• सफलता: ब्रिटिश प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रमिक वर्गों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नए उपनगरों में घर बनाए।
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