Extra Questions of पाठ 7 - साथी हाथ बढ़ाना| वसंत भाग - I Class 6th

Extra Questions of Chapter 7 Sathi Hath Badhana Vasant Part I Class 6th

अर्थग्रहण सम्बन्धी प्रश्न -

(क) साथी हाथ बढ़ाना 
एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना। 
साथी हाथ बढ़ाना। 
हम मेहनत वालों ने जब भी, 
मिलकर कदम बढ़ाया
सागर ने रास्ता छोड़ा, परबत ने सीस झुकाया 
फ़ौलादी हैं सीने अपने, फ़ौलादी हैं बॉहैं
हम चाहें तो चट्टानों में पैदा कर दें राहें 
साथी हाथ बढ़ाना।

1. साथी हाथ बढ़ाना का क्या मतलब है ?

उत्तर

साथी हाथ बढ़ाना का मतलब मिल जुल कर काम करना है |

2. बोझ कैसे उठाना चाहिए ?

उत्तर

बोझ मिलकर उठाना चाहिए |

3. मिलकर कदम बढ़ाने से कौन अपने आप रास्ता छोड़ देता है | 

उत्तर

मिलकर कदम बढ़ाने से समुद्र अपने आप रास्ता छोड़ देता देता है

लघु उत्तरीय प्रश्न -

1. कवि क्या कहता है ?

उत्तर

कवि कहता है कि हे साथियो, मिल-जुलकर काम करो क्योंकि अकेला आदमी तो थक जाता है। इसलिए मिल-जुलकर बोझ उठाना चाहिए। 

2. मेहनत वाले जब मिलकर चलते हैं तो क्या होता है?

उत्तर

मेहनत वाले जब मिलकर चलते हैं तो सागर भी उन्हें रास्ता दे देता है तथा पर्वत भी उनके सामने अपना शीश झुका लेता है। मेहनत वालों के सामने कोई कठिनाई टिक नहीं पाती है। 

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न -

1. मेहनत क्या है ? मेहनत किसके लिए और कैसे करनी चाहिए?

उत्तर

मेहनत भाग्य निर्माण करने वाली होती है। अब तक हम दूसरों के लिए मेहनत करते थे, अब अपने लाभ के लिए मन लगाकर मेहनत करनी चाहिए। कल तक विदेशी शासकों के लाभ के लिए मेहनत की जाती थी, आज अपनी भलाई के लिए मेहनत करनी चाहिए। 

2. ‘सागर ने रस्ता छोड़ा, परबत ने सीस झुकाया' ने ऐसा कहा क्यों ?

उत्तर

इसका अर्थ यह है कि मेहनत करने वालों के सामने सागर और पर्वत भी झुकते हैं। जब कोई भी व्यक्ति दृढ़ निश्चय करके कदम बढ़ाता है तो उसकी सारी मुश्किलें आसान होती चली जाती हैं। उसके रास्ते की रुकावटें अपने आप दूर हो जाया करती हैं। मेहनत करने वाला व्यक्ति सब कुछ अपने वश में कर सकता है। 



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