NCERT Solutions for Class 10th: Ch 3 धातु एवं अधातु प्रश्नोत्तर विज्ञान

NCERT Solutions of Science in Hindi for Class 10th: Ch 3 धातु एवं अधातु विज्ञान 

प्रश्न 

पृष्ठ संख्या 45

1. ऐसी धातु का उदाहरण दीजिए जो
(i) कमरे के ताप पर द्रव होती है|

उत्तर

मर्करी

(ii) चाकू से आसानी से काटा जा सकता है|

उत्तर

सोडियम

(iii) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है|

उत्तर

सिल्वर

(iv) ऊष्मा की कुचालक होती है|

उत्तर

मर्करी तथा लेड

2. आघातवर्ध्य तथा तन्य का अर्थ बताइए|

उत्तर

आघातवर्ध्य: वैसे पदार्थ जिन्हें पीटकर पतली चादर बनाया जा सकता है, आघातवर्ध्य कहलाते हैं| उदाहरण के लिए अधिकतर धातुएँ आघातवर्ध्य होती हैं|
तन्य : वैसे पदार्थ जिन्हें पतले तार के रूप में खींचा जा सकता है, तन्य कहलाते हैं| उदाहरणतः अधिकतर धातुएँ तन्य होते हैं|

पृष्ठ संख्या 51

1. सोडियम को किरोसिन में डुबो कर क्यों रखा जाता है?

उत्तर

सोडियम में उच्च अभिक्रियाशीलता पाई जाती है| यदि इसे खुले में रखा जाता है तो ऑक्सीजन से तेजी से अभिक्रिया पर आग पकड़ लेती है| इसलिए इसे सुरक्षित रखने तथा आकस्मिक आग को रोकने के लिए किरोसिन तेल में डुबो कर रखा जाता है|

2. इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए:
(i) भाप के साथ आयरन|
(ii) जल के साथ कैल्शियम तथा पोटैशियम|

उत्तर

(i)  3Fe (s) + 4H2O (g) → Fe3O4 (aq) + 4H2 (g)
(ii) Ca (s) + 2H2O (l) → Ca(OH)2(aq) + H2 (g) + Heat
2K (s) + 2H2O (l) → 2KOH (aq) + H2 (g) + Heat

3. A, B, C एवं D चार धातुओं को लेकर एक-एक करके निम्न विलयन में डाला गया| इससे प्राप्त परिणाम को निम्न प्रकार से सारणीबद्ध किया गया है:

इस सारणी का उपयोग कर धातु A, B, C एवं D के संबंध में निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(i) सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन सी है?
(ii) धातु B को कॉपर (II) सल्फेट के विलयन में डाला जाए तो क्या होगा?
(iii) धातु A, B, C एवं D को अभिक्रियाशीलता के घटते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए|

उत्तर

(i) B सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु है|
(ii) धातु B कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित करेगा|
(iii) धातुओं की अभिक्रियाशीलता के घटते हुए क्रम में व्यवस्था B>A>C>D

4. अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो कौन सी गैस निकलती है? आयरन के साथ तनु H2SO4 की रासायनिक अभिक्रिया लिखिए|

उत्तर

अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो हाइड्रोजन गैस निकलती है| जब आयरन तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल H2SO4 के साथ अभिक्रिया करता है तो आयरन (II) के साथ हाइड्रोजन गैस बनता है| Fe (s) + H2SO4 (aq) → FeSO4 (aq) + H2 (g)

5. जिंक को आयरन (III) सल्फेट के विलयन में डालने से क्या होता है? इसकी रासायनिक अभिक्रिया लिखिए|

उत्तर

जिंक को आयरन (III) सल्फेट के विलयन में डाला जाता है तो यह आयरन सल्फेट विलयन से आयरन को विस्थापित करता है| 
रासायनिक अभिक्रिया-  Zn (s) + FeSO4 (aq) → ZnSO4 (aq) + Fe (s)

पृष्ठ संख्या 54

1. (i) सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम के लिए इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना लिखिए| 
(ii) इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण के द्वारा एवं का निर्माण दर्शाइए|
(iii) इन यौगिकों में कौन से आयन उपस्थित हैं?

उत्तर



2. आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है?

उत्तर

आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च होता है क्योंकि मजबूत अंतर-आयनिक आकर्षण को तोड़ने के लिए ऊर्जा की पर्याप्त मात्रा की आवश्यकता होती है|

पृष्ठ संख्या 59

1. निम्न पदों की परिभाषा दीजिए :
(i) खनिज  (ii) अयस्क    (iii) गैंग 

उत्तर

(i) खनिज- पृथ्वी की भूपर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्वों या यौगिकों को खनिज कहते हैं|
(ii) अयस्क- वे खनिज जिसमें कुछ विशेष धातु काफी मात्रा में होते हैं और जिन्हें निकालना लाभकारी होता है, अयस्क कहलाते हैं|
(iii) गैंग- पृथ्वी से खनित अयस्कों में मिट्टी, रेत आदि जैसी कई अशुद्धियाँ होती हैं जिन्हें गैंग कहते हैं|

2. दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं?

उत्तर

प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाने वाली दो धातुएँ हैं- सोना और प्लैटिनम|


3. धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रम का उपयोग किया जाता है?

उत्तर

धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए अपचयन प्रक्रम का उपयोग किया जाता है| 

पृष्ठ संख्या 61

1. जिंक, मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइडों को निम्न धातुओं के साथ गर्म किया गया:

धातु. जिंक मैग्नीशियम कॉपर
जिंक ऑक्साइड


मैग्नीशियम ऑक्साइड
कॉपर ऑक्साइड


उत्तर

धातु जिंक मैग्नीशियम कॉपर
जिंक ऑक्साइड - विस्थापन  विस्थापन नहीं 
मैग्नीशियम ऑक्साइड विस्थापन नहीं  -विस्थापन नहीं 
कॉपर ऑक्साइड विस्थापन  विस्थापन -

2. कौन सी धातु आसानी से संक्षारित नहीं होती है?

उत्तर

वे धातुएँ जो कम अभिक्रियाशील होती हैं, आसानी से संक्षारित नहीं होती है| जैसे- सोना, प्लैटिनम तथा चाँदी|

3. मिश्रातु क्या होते हैं?

उत्तर

दो या दो से अधिक धातुओं (धातु या अधातु) के समांगी मिश्रण को मिश्रातु कहते हैं|

पृष्ठ संख्या 62

अभ्यास

1. निम्न में से कौन-सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है:
(a) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु
(b) MgCl2 विलयन एवं एलुमिनियम धातु
(c) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु
(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु

उत्तर

(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु

2. लोहे के फ्राइंग पैन (frying pan) को जंग से बचाने के लिए निम्न में से कौन सी विधि उपयुक्त है:
(a) ग्रीज़ लगाकर
(b) पेंट बनाकर
(c) जिंक की परत चढ़ाकर
(d) ऊपर के सभी

उत्तर

(c) जिंक की परत चढ़ाकर

3. कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक निर्मित करती है| यह यौगिक जल में विलेय है| यह तत्व क्या हो सकता है?
(a) कैल्शियम
(b) कार्बन
(c) सिलिकन
(d) लोहा

उत्तर

(a) कैल्शियम

4. खाद्य पदार्थों के डिब्बों पर जिंक की बजाय टिन का लेप होता है क्योंकि
(a) टिन की अपेक्षा जिंक महँगा है|
(b) टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है|
(c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है|
(d) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है|

उत्तर

(c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है|

5. आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है:
(a) इनका उपयोग कर धातुओं और अधातुओं के नमूने के बीच आप विभेद कैसे कर सकते हैं?
(b) धातुओं और अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिताओं का आकलन कीजिए|

उत्तर

(a) धातुओं और अधातुओं के नमूने के बीच विभेद करने के लिए हथौड़े का उपयोग कर सकते हैं| दिए गए पदार्थ को हथौड़े से पीटने से यदि वह टूटकर बिखरकर जाता है तो अधातु है और यदि थोड़ा फ़ैल जाता है तो वह धातु है| धातु में आघातवर्ध्यता गुणधर्म पाया जाता है| इसी प्रकार हम बैटरी, बल्ब, तारों और नमूने के साथ एक विद्युत् परिपथ तैयार करने के लिए स्विच का उपयोग कर सकते हैं। यदि बल्ब जलता है तो दिया गया नमूना धातु है अन्यथा एक अधातु है|

(b) उपरोक्त परीक्षण धातुओं और गैर-धातुओं के बीच विभेद करने में उपयोगी हैं क्योंकि ये भौतिक गुणों पर आधारित होते हैं| इन परीक्षणों में कोई रासायनिक अभिक्रियाएँ शामिल नहीं हैं|

6. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? दो उभयधर्मी ऑक्साइडों का उदाहरण दीजिए|

उत्तर

ऐसे धातु ऑक्साइड जो अम्ल तथा क्षारक दोनों से अभिक्रिया करके लवण तथा जल प्रदान करते हैं, उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं| जैसे- एलुमिनियम ऑक्साइड, जिंक ऑक्साइड|
जैसे- एलुमिनियम ऑक्साइड 
Al2O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 3H2O
Al2O3 + 2NaOH → 2NaAlO2 + H2O

7. दो धातुओं के नाम बताइए जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगे तथा दो धातुएँ जो ऐसा नहीं कर सकती हैं|

उत्तर

आयरन तथा एलुमिनियम तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगे क्योंकि वे हाइड्रोजन से अधिक अभिक्रियाशील हैं| मर्करी तथा ताँबा तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर सकते क्योंकि वे हाइड्रोजन से कम अभिक्रियाशील हैं |

8. किसी धातु M के विद्युत् अपघटनी परिष्करण में आप ऐनोड, कैथोड एवं विद्युत् अपघट्य किसे बनाएँगे?

उत्तर

किसी धातु M के विद्युत् अपघटनी परिष्करण में :
ऐनोड- अशुद्ध के रूप में 
कैथोड- शुद्ध धातु की पतली परत   
विद्युत् अपघट्य- धातु M के लवण विलयन

9. प्रत्यूष ने सल्फर चूर्ण को स्पैचुला में लेकर उसे गर्म किया| चित्र के अनुसार एक परखनली को उलटा करके उत्सर्जित गैस को एकत्र किया 

(a) गैस की क्रिया क्या होगी
(i) सूखे लिटमस पत्र पर?
(ii) आर्द्र लिटमस पत्र पर?

(b) ऊपर की अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक अभिक्रिया लिखिए|

उत्तर
(a) 
(i) सूखे लिटमस पत्र पर कोई क्रिया नहीं होती|
(ii) आर्द्र लिटमस पत्र का रंग लाल हो जाएगा क्योंकि परखनली में जमा सल्फर गैस अधातु है और उसकी ऑक्साइड प्रकृति अम्लीय होती है| 

(b) रासायनिक अभिक्रिया- S (s) + O2(g) → SO2(g)

10. लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताइए| 

उत्तर

लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके निम्नलिखित हैं:

पेंट करके, तेल लगाकर, ग्रीज़ लगाकर : तेल, ग्रीज़ या पेंट लगाने से हवा में मौजूद नमी और ऑक्सीजन लोहे से सीधे संपर्क में नहीं आ सकता है| इस प्रकार, लोहे को जंग लगने से बचाया जा सकता है| 

यशद्लेपन : लोहे की वस्तुओं पर जस्ते की पतली परत चढ़ाकर उसे ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आने से रोका जाता है| इस प्रकार लोहे को जंग लगने से बचाया जा सकता है 

11. ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएँ कैसा ऑक्साइड बनाती हैं?

उत्तर

ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएँ अम्लीय और उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं| 
अम्लीय ऑक्साइड- NO2, SO2 
उदासीन ऑक्साइड- NO, CO

12. कारण बताइए :
(a) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है|
(b) सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम को तेल के अंदर संग्रहीत किया जाता है|
(c) ऐलुमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने के लिए किया जाता है|
(d) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है|

उत्तर

(a) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है क्योंकि ये चमकीले होते हैं| इसके अतिरिक्त, वे कम अभिक्रियाशील होते हैं और आसानी से संक्षारित नहीं होते|

(b) सोडियम, पोटैशियम एवं लीथियम अत्यंत ही अभिक्रियाशील धातु हैं तथा ऑक्सीजन और नमी के साथ तेजी से अभिक्रिया करते हैं| इसलिए इन्हें किरोसिन तेल के अंदर संग्रहीत किया जाता है ताकि उन्हें ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आने से रोका जा सके|

(c) यद्यपि एलुमिनियम एक उच्च अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी यह संक्षारणरोधी है| ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर इस पर बनी एलुमिनियम ऑक्साइड की पतली परत बनती है जो इसके संक्षारण होने से रोकती है| इसके साथ ही यह हल्की और ऊष्मा की सुचालक है| इसलिए इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने के लिए किया जाता है|

(d) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है क्योंकि कार्बोनेट एवं सल्फाइड की तुलना में धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करना आसान है| 

13. आपने ताँबे के मलीन बर्तन को नींबू या इमली के रस से साफ़ करते अवश्य देखा होगा| यह खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ़ करने में क्यों प्रभावी है?

उत्तर

वायु में उपस्थित CO2, O2 व नमी से अभिक्रिया के कारण ताँबे की सतह पर एक हरे रंग की परत बन जाती है तथा ताँबा अपनी चमक खो देता है| नींबू या इमली के रस में उपस्थित अम्ल क्षारीय कॉपर कार्बोनेट की परत से अभिक्रिया करके घुलनशील लवण बना देते हैं, जिन्हें जल से धोकर अलग कर दिया जाता है| इस प्रकार ताँबे की सतह पुनः चमकीली हो जाती है|

14. रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में विभेद कीजिए|

उत्तर

धातु
अधातु
धातुएँ विद्युत धनात्मक होती हैं| अधातुएँ विद्युत् ऋणात्मक होती हैं|  
ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर धातुएँ क्षारकीय ऑक्साइड बनाती हैं| ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएँ अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं|
धातुएँ तनु अम्लों से हाइड्रोजन गैस को विस्थापित करती हैं| अधातुएँ तनु अम्लों से हाइड्रोजन गैस को विस्थापित नहीं कर सकती|
धातुएँ क्लोरीन से अभिक्रिया करके आयनिक क्लोराइड का निर्माण करती है| अधातुएँ क्लोरीन से अभिक्रिया करके सहसंयोजक क्लोराइड का निर्माण करती है|
ऑक्साइड और हाइड्रॉक्साइड बनाने के लिए जल से अभिक्रिया करते हैं। कुछ धातुएँ ठंडे जल के साथ, कुछ गर्म पानी से, और कुछ भाप के साथ अभिक्रिया करती हैं| ये जल के साथ कोई अभिक्रिया नहीं करते|

15. एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर आता है| उसने पुराने एवं मलीन सोने के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का ढोंग रचाया| कोई संदेह किए बिना ही एक महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है| कंगन नए की तरह चमकने लगते हैं लेकिन उसका वजन अत्यंत कम हो जाता है| वह महिला बहुत दुखी होती है तथा तर्क वितर्क के पश्चात उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है| एक जासूस की तरह क्या आप उस विलयन की प्रकृति के बारे में बता सकते हैं?

उत्तर

वह व्यक्ति एक्वारेजिया का प्रयोग करता है जो 3 भाग सांद्र HCl तथा 1 भाग सान्द्र HNO3 का मिश्रण है| यह सोने और प्लैटिनम जैसे धातु को भी घोलने की क्षमता रखता है| इसी विलयन में डुबोने से सोने के कंगनों का वजन कम हो जाता है|

16. गर्म जल का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग होता है परन्तु इस्पात (लोहे की मिश्रातु) का नहीं| इसका कारण बताइए|

उत्तर

ताँबा उबलते या गर्म जल या भाप से अभिक्रिया नहीं करता है जबकि इस्पात में उपस्थित लोहा जलवाष्प से अभिक्रिया करता है| ताँबा का गलनांक इस्पात की अपेक्षा अधिक है| साथ ही ताँबा लोहे की अपेक्षा ऊष्मा का अच्छा सुचालक है| इसलिए गर्म जल का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग होता है परन्तु इस्पात (लोहे की मिश्रातु) का नहीं|

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