पठन सामग्री, अतिरिक्त प्रश्न और उत्तर और सार - पाठ 9 - भारत माता (Bharat Mata) आरोह भाग - 1 NCERT Class 11th Hindi Notes

सारांश

प्रस्तुत पाठ हिंदुस्तान की कहानी का पाँचवाँ अध्याय है| अंग्रेजी से भाषांतर हरिश्चंद्र उपाध्याय ने किया है| इसमें पं. नेहरु ने बताया है कि किस तरह देश के कोने-कोने में आयोजित जलसों में जाकर वे आम लोगों को बताते थे कि अनेक हिस्सों में बँटा होने के बाद भी हिंदुस्तान एक तो इस अपार फैलाव के बीच एकता के क्या आधार हैं और क्यों भारत एक देश है, जिसके सभी हिस्सों की नियति एक ही तरीके से बनती-बिगड़ती है| यही पूरे पाठ की विषयवस्तु है|

आजादी से पहले नेहरू जी अलग-अलग स्थानों पर जनसभाएँ आयोजित करते थे, जहाँ वे आम लोगों के साथ मिलकर देश की एकता और संस्कृति के बारे में चर्चा किया करते थे| उनकी चर्चाओं में भरत भूमि की महत्ता के बारे बातें होती थीं| वे अक्सर ऐसी जनसभाएँ गाँवों में करते थे, जहाँ लोग उनकी बातों को ध्यान से सुनते थे| वे शहरों में जाने से बचते थे क्योंकि वहाँ के लोग स्वयं को अधिक चालक समझते थे| गाँवों में रहने वाले गरीब किसान भारत-भूमि की महत्ता को समझते थे तथा उन्हें आजादी के मायने पता थे|

नेहरू जी भारत के कोने-कोने में यात्रा कर चुके थे| अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने किसानों की दयनीय स्थिति का पता चला| उन्होंने भारत-निर्माण का सपना देखा, जिसमें किसानों को गरीबी, कर्जदारों, पूँजीपति, जमींदार, महाजन के शोषण तथा कड़े लगान, पुलिस के अत्याचार इन सभी समस्याओं से मुक्त कराने का सपना शामिल था| उन्होंने हमेशा लोगों को एकजुट होकर भारत की आजादी के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया| वे लोगों के सामने अमेरिका में हो रहे विकास का उदाहरण प्रस्तुत करते थे| किसान भी उनकी बातों को समझते थे, क्योंकि उन्हें पुराने महाकाव्यों तथा पुराणों की कथा-कहानियों की जानकारी थी| उनमें से कुछ ने विदेशी नौकरियाँ भी की थी और दुनिया में चल रहे आर्थिक मंदी के दौर में भी पता था|

जब नेहरू जी उनसे ‘भारत माता की जय’ नारे का अर्थ पूछते थे, जिसका अर्थ किसान धरती बताते थे| वे उन्हें धरती से जुड़े अवधारणा के बारे में समझाते थे| धरती कार्थ किसी एक जिले या गाँव की धरती नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्तान की धरती से था| इससे वे उन्हें भारत की एकता का मर्म समझाने में सफल होते थे| ‘हम सभी उस भारत माता के अंश हैं’, नेहरू जी की यह सोच किसानों के मनोबल को बढ़ाने का कार्य करती थी|

कथाकार-परिचय

जवाहरलाल नेहरू 

जन्म: सन् 1889, इलाहाबाद (उ.प्र.) में|

प्रमुख रचनाएँ: मेरी कहानी (आत्मकथा), विश्व इतिहास की झलक, हिंदुस्तान की कहानी, पिता के पत्र पुत्री के नाम (हिंदी अनुवाद), हिंदुस्तान की समस्याएँ, स्वाधीनता और उसके बाद, राष्ट्रपिता, भारत की बुनियादी एकता, लड़खड़ाती दुनिया आदि (लेखों और भाषणों का संग्रह) हैं|

मृत्यु: सन् 1964 में|

इनका जन्म इलाहाबाद के एक संपन्न परिवार में हुआ| संपन्न परिवार में हुआ| उनके पिता वहाँ के बड़े वकील थे| नेहरु की प्रारंभिक शिक्षा घर पर तथा उच्च शिक्षा इंग्लैंड में हैरो तथा कैम्ब्रिज में हुई| वहाँ से वकालत की पढ़ाई भी की लेकिन नेहरु पर गाँधी जी का बहुत प्रभाव पड़ा| उनकी पुकार पर वे पढाई छोड़कर आजादी की लड़ाई में जुट गए| आगे चलकर सन् 1929 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष बने और पूर्ण स्वतंत्रता की माँग की| नेहरू का झुकाव समाजवाद की ओर भी रहा|

सन् 1947 में जब भारत स्वतंत्र हुआ तो नेहरू जी पहले प्रधानमंत्री बने और भारत के निर्माण में अंत तक जुटे रहे| उन्होंने देश के विकास के लिए कई योजनाएँ बनाईं, जिनमें आर्थिक और औद्योगिक प्रगति तथा वैज्ञानिक अनुसंधान से लेकर साहित्य, कला, संस्कृति आदि क्षेत्र शामिल थे| नेहरु जी बच्चों के बीच चाचा नेहरू के रूप में जाने जाते थे| शांति, अहिंसा और मानवता के हिमायती नेहरू ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्वशांति और पंचशील के सिद्धांतों का प्रचार किया|

कठिन शब्दों के अर्थ

• सयाने- समझदार
• गिज़ा- खुराक, भोजन, खाद्य
• नजरिया- दृष्टिवकोण
• महदूद- सीमित
• मसला- मुद्दा
• यक-साँ- एक समान
• तब्दीलियों- परिवर्तनों
• जुज़- खंड, भाग
• कशमकश- ऊहापोह, पसोपेश
• हवाले- संदर्भ
• कुतूहल- उत्सुकता
• ताज्जुब- आश्चर्य
• हट्टे-कट्टे- हृष्ट-पुष्ट, स्वस्थ, मज़बूत कद-काठी वाला
• अज़ीज़- प्रिय
• दरअसल- वास्तव में
• जलसा- समारोह
• धावा- आक्रमण

NCERT Solutions of पाठ 9 - भारत माता

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