NCERT Solutions for Class 11th: पाठ 8 - वायुमंडल का संघटन तथा संरचना

NCERT Solutions for Class 11th: पाठ 8 - वायुमंडल का संघटन तथा संरचना भौतिक भूगोल के मूल सिद्धांत (Vaayumandal ka Sanghatan tatha Sanrachna) Bhautik Bhugol ke Mool Siddhant

अभ्यास

पृष्ठ संख्या: 83

1. वैकल्पिक प्रश्न:

(i) निम्नलिखित में से कौन सी गैस वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में मौजूद है?
(क) ऑक्सीजन
(ख) आर्गन
(ग) नाइट्रोजन
(घ) कार्बन डाईऑक्साइड
► (ग) नाइट्रोजन

(ii) वह वायुमंडलीय परत जो मानव जीवन के लिए महत्वपूर्ण है :
(क) समतापमंडल
(ख) क्षोभमंडल
(ग) मध्यमंडल
(घ) आयनमंडल
► (ख) क्षोभमंडल

(iii) समुद्री नमक, पराग, राख, धुएँ की कालिमा, महीन मिट्टी- किससे संबंधित हैं?
(क) गैस
(ख) जलवाष्प
(ग) धूलकण
(घ) उल्कापात
► (ग) धूलकण

(iv) निम्नलिखित में से कितनी ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा नगण्य हो जाती है?
(क) 90 कि.मी.
(ख) 100 कि.मी.
(ग) 120 कि.मी.
(घ) 150 कि.मी.
► (ग) 120 कि.मी.

(v) निम्नलिखित में से कौन-सी गैस सौर विकिरण के लिए पारदर्शी है तथा पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी?
(क) ऑक्सीजन
(ख) नाइट्रोजन
(ग) हीलियम
(घ) कार्बन डाईऑक्साइड
► (घ) कार्बन डाईऑक्साइड

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:

(i) वायुमंडल से आप क्या समझते हैं?

उत्तर

वायुमंडल विभिन्न प्रकार के गैसों का मिश्रण है और यह पृथ्वी को सभी ओर से ढके हुए है| इसमें मनुष्यों तथा जन्तुओं के जीवन के लिए आवश्यक गैसें जैसे ऑक्सीजन तथा पौधों के जीवन लिए कार्बन डाईऑक्साइड पाई जाती है|

(ii) मौसम और जलवायु के तत्त्व कौन-कौन से हैं?

उत्तर

ताप, दाब, हवा, आर्द्रता, बादल और वर्षण मौसम और जलवायु के मुख्य तत्त्व हैं| ये तत्त्व पृथ्वी पर मनुष्य के जीवन को प्रभावित करते हैं|

(iii) वायुमंडल की संरचना के बारे में लिखें|

उत्तर

वायुमंडल गैसों, जलवाष्प एवं धूल कणों से बना है| इसमें 78.8% नाइट्रोजन, 20.94% ऑक्सीजन और 0.93% आर्गन है| वायुमंडल में दोनों गैस 99% मौजूद हैं| अन्य गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड, नियोन, हीलियम, क्रिप्टो, जेनॉन और हाइड्रोजन शामिल हैं|

(iii) वायुमंडल के सभी संस्तरों में क्षोभमंडल सबसे अधिक महत्वपूर्ण क्यों है?

उत्तर

वायुमंडल के सभी संस्तरों में क्षोभमंडल सबसे अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि:
• जलवायु और मौसम में सभी परिवर्तन इसी संस्तर में होते हैं|
• इस संस्तर में धूल कण और जलवाष्प उपस्थित होते हैं|
• सभी जैविक गतिविधियां इस संस्तर में होती हैं|

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए:

(i) वायुमंडल के संघटन की व्याख्या करें|

उत्तर

वायुमंडल गैसों, जलवाष्प एवं धूल कणों से बना है| दी गई तालिका उनके मात्रा के साथ वातावरण के घटक को निर्दिष्ट करती है:

वायुमंडल में नाइट्रोजन और ऑक्सीजन गैस सम्मिलित रूप से 99% मौजूद हैं| अन्य गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड, नियोन, हीलियम, क्रिप्टो, जेनॉन और हाइड्रोजन शामिल हैं| वायुमंडल की ऊपरी परतों में गैसों का अनुपात इस प्रकार बदलता है जैसे कि 120 कि.मी. की ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा नगण्य हो जाती है| इसी प्रकार, कार्बन डाईऑक्साइड एवं जलवाष्प पृथ्वी की सतह से 90 कि.मी. की ऊँचाई तक ही पाए जाते हैं|

कार्बन डाईऑक्साइड गैस सौर विकिरण के के एक अंश को सोख लेती है तथा इसके कुछ भाग को पृथ्वी के सतह की ओर प्रतिबिंबित कर देती है| यह ग्रीन हाउस प्रभाव के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है| ओज़ोन वायुमंडल का दूसरा महत्वपूर्ण घटक है जो सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर उनको पृथ्वी की सतह पर पहुँचने से रोकती है|

(ii) वायुमंडल की संरचना का चित्र खींचे और व्याख्या करें|

उत्तर

वायुमंडल अलग-अलग घनत्व तथा तापमान वाली विभिन्न परतों का बना होता है| पृथ्वी की सतह के पास घनत्व अधिक होता है, जबकि ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ यह घटता जाता है| तापमान की स्थिति के अनुसार वायुमंडल को पाँच विभिन्न संस्तरों में बाँटा गया है| ये हैं: क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, बाह्य वायुमंडल तथा बहिर्मंडल|

क्षोभमंडल: यह वायुमंडल का सबसे नीचे का संस्तर है| इसकी ऊँचाई सतह से लगभग 13 कि.मी. है तथा यह ध्रुव के निकट 8 कि.मी. तथा विषुवत् वृत्त पर 18 कि.मी. को ऊँचाई तक है| क्षोभमंडल को मोटाई विषुवत बृत्त पर सबसे अधिक है, क्योंकि तेज वायुप्रवाह के कारण ताप का अधिक ऊँचाई तक संवहन किया जाता है| इस संस्तर में धूलकण तथा जलवाष्प मौजूद होते है| मौसम में परिवर्तन इसी संस्तर में होता है| इस संस्तर में प्रत्येक 165 मी. की ऊँचाई पर तापमान 1° से. घटता जाता है। जैविक क्रिया के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण संस्तर है।

क्षोभसीमा: क्षोभमंडल और समताप-मंडल को अलग करने वाले भाग को क्षोभसीमा कहते है| विषुवत् वृत्त के ऊपर क्षोभसीमा में हवा का तापमान -80° से. और ध्रुव के उपर -45° से. होता है। यहाँ पर तापमान स्थिर होने के कारण इसे क्षोभसीमा कहा जाता है|

समतापमंडल: समतापमंडल इसके ऊपर 50 कि॰मी. को ऊँचाई तक पाया जाता है| समतापमंडल का एक महत्वपूर्ण लक्षण यह है कि इसमें ओजोन परत पायी जाती है| यह परत पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर पृथ्वी को ऊर्जा के तीव्र तथा हानिकारक तत्वों से बचाती है|

मध्यमंडल: मध्यमंडल, समतापमंडल के ठीक ऊपर 80 कि.मी. की ऊँचाई तक फैला होता है| इस संस्तर में भी ऊँचाई के साथ-साथ तापमान में कमी होने लगती है और 80 किलोमीटर को ऊँचाई तक पहुंचकर यह -100° से. हो जाता है| मध्यमंडल की उपरी परत को मध्यसीमा कहते हैं|

आयनमंडल: यह मध्यमंडल के ऊपर 80 से 400 किलोमीटर के बीच स्थित होता है| इसमें विद्युत आवेशित कण पाये जाते है, जिन्हें आयन कहते है तथा इसीलिए इसे आयनमंडल के नाम से जाना जाता है| पृथ्वी के द्वारा भेजी गई रेडियों तरंगें इस संस्तर के द्वारा वापस पृथ्वी पर लौट आती है| यहाँ पर ऊँचाई बढ़ने के साथ ही तापमान में वृद्धि शुरू हो जाती है|

बहिर्मंडल: वायुमंडल का सबसे उपरी संस्तर, जो बाह्यमंडल के ऊपर स्थित होता है उसे बहिर्मंडल कहते है। यह सबसे ऊँचा संस्तर है तथा इसके बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है| इस संस्तर में मौजूद सभी घटक विरल हैं, जो धीरे-धीरे बाहरी अंतरिक्ष में मिल जाते हैं|

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