NCERT Solutions for Class 10th: पाठ 5- मैं क्यों लिखता हूँ? हिंदी

NCERT Solutions for Class 10th: पाठ 5- मैं क्यों लिखता हूँ? कृतिका भाग-2 हिंदी 

अज्ञेय

पृष्ठ संख्या: 45

प्रश्न अभ्यास 

1. लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है, क्यों?

उत्तर

लेखक के अनुसार प्रत्यक्ष अनुभव घटित का होता है परन्तु अनुभूति संवेदना और कल्पना के सहारे उस सत्य को आत्मसात् कर लेती है जो वास्तव में कृतिकार के साथ घटित नहीं हुआ है| जो आँखों के सामने नहीं आया, वही आत्मा के सामने ज्वलंत प्रकाश में आ जाता है, तब वह अनुभूति प्रत्यक्ष हो जाता है|
उनका मानना है कि जब भीतर की अनुभूति बुद्धि से बढ़कर संवेदना के क्षेत्र में आती है तब वह लेखक को लिखने को विवश करती है| भावनाओं को वह खुद शब्दों को रूप देने लगती है| इस प्रकार प्रत्यक्ष अनुभव की अपेक्षा अनुभूति उनके लेखन में कहीं अधिक मदद करती है|

2. लेखक ने अपने आपको हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता कब और किस तरह महसूस किया?

उत्त

अपनी जापान यात्रा दौरान लेखक ने एक पत्थर में मानव की उजली छाया देखी। वे विज्ञान के विद्यार्थी थे इस कारण समझ गए की विस्फोट के समय पत्थर के पास कोई व्यक्ति खड़ा होगा। विस्फोट से विसर्जित रेडियोधर्मी पदार्थ ने उस व्यक्ति को भाप बना दिया और पत्थर को झुलसा दिया। इस प्रत्यक्ष अनुभूति ने लेखक के हृदय को झकझोर दिया। इस प्रकार लेखक हिरोशिमा के विस्फोट का भोक्ता बन गया।

3. मैं क्यों लिखता हूँ? के आधार पर बताइए कि -
(क) लेखक को कौन-सी बातें लिखने के लिए प्रेरित करती हैं?

उत्तर

लेखक की आंतरिक विवशता उसे लिखने के लिए प्रेरित करती है। लेखक विवशता को पहचान कर कर उसे लिख देता है और उससे मुक्त हो जाता है| ऐसा करने से वे अपनी विवशता को तटस्थ होकर देख और पहचान पाते हैं|

(ख) किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत किसी दूसरे को कुछ भी रचने के लिए किस तरह उत्साहित कर सकते हैं?

उत्तर

किसी रचनाकार के प्रेरणा स्रोत दूसरे को कुछ भी रचने के लिए विभिन्न तरीकों से उत्साहित करते हैं| जैसे वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण से प्रेरणा लेकर अन्य लेखकों ने इसके बारे में लिखा| अन्य लेखकों के अपने सामजिक स्थिति और सुलभता से पात्रों को नए रूप में ढाला| महाभारत भी इसका एक प्रमुख उदाहरण है|
4. कुछ रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति/स्वयं के अनुभव के साथ-साथ बाह्य दबाव भी महत्वपूर्ण होता है। ये बाह्य दबाव कौन-कौन-से हो सकते हैं?

उत्तर

कुछ रचनाकारों के लिए आत्मानुभूति/स्वयं के अनुभव के साथ-साथ बाह्य दबाव भी महत्वपूर्ण होता है| ये कई प्रकार के हो सकते हैं-
• कुछ प्रसिद्ध लेखक सम्पादकों के आग्रह और प्रकाशक के जरूरत के अनुसार लिखते हैं|
• कुछ अपनी आर्थिक आवश्यकताओं के कारण भी लेखन कार्य करते हैं|

5. क्या बाह्य दबाव केवल लेखन से जुड़े रचनाकारों को ही प्रभावित करते हैं या अन्य क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को भी प्रभावित करते हैं, कैसे?

उत्तर

बाह्य दबाव लेखन से जुड़े रचनाकारों के अलावा अन्य क्षेत्रों से जुड़े कलाकारों को भी प्रभावित करते हैं। जैसे -अभिनेता, अभिनेत्री पर निर्देशक का दबाव रहता है ताकि वह अच्छे फिल्म का निर्माण कर सकें। गायक-गायिकाएँ और नर्तक पर आयोजकों के साथ-साथ श्रोताओं का दबाव रहता है। चित्रकार पर उनके ग्राहकों का दवाब रहता कि वह अच्छी चित्र बनाएँ| खिलाड़ियों पर उनके प्रबंधकों और दर्शक दवाब होता है|

6. हिरोशिमा पर लिखी कविता लेखक के अंत: व बाह्य दोनों दबाव का परिणाम है यह आप कैसे कह सकते हैं ?

उत्तर

लेखक को जब जापान जाने का अवसर मिला तब वे हिरोशिमा भी गए| उन्होंने वहाँ वह अस्पताल भी देखा जहाँ रेडियम-पदार्थ से आहत लोग वर्षों से कष्ट पा रहे थे| उन्हें देखकर लेखक को सहानभूति हुई परन्तु इसने लिखने के लिए लेखक को प्रेरित नहीं किया। जब उन्होंने जले पत्थर पर किसी व्यक्ति की उजली छाया को देखा तो उन्हें उनके दर्द की अनभूति हुई जिसने लेखक को लिखने के लिए प्रेरित किया। यह लेखक का आंतरिक दवाब था|
चूँकि लेखक विज्ञान के छात्र थे तो वह हिरोशिमा की त्रासदी अच्छे ढंग से बता सकते थे| इसलिए कुछ अलग लिखने की चाह लेखक का बाह्य दवाब हो सकता है|

7. हिरोशिमा की घटना विज्ञान का भयानकतम दुरुपयोग है। आपकी दृष्टि में विज्ञान का दुरुपयोग कहाँ-कहाँ और किस तरह से हो रहा है?

उत्तर 

हमारी दृष्टि में विज्ञान का दुरुपयोग अनेक क्षेत्रों में निम्नलिखित रूप में हो रहा है -
• असंख्य मात्रा में चल रहे वाहनों से निकलने वाला प्रदूषण हमारे स्वास्थ्य को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है|
• विज्ञान के विकसित होने की वजह से आतंकवादी भी आजकल गोली-बम का निर्माण कर सकने में सक्षम हैं और वे दुनिया में बम-विस्फोट कर तबाही मचा रहे हैं|
• चिकित्सा के क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड का दुरूपयोग किया जा रहा है। गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण कर कन्याभ्रूण की आधुनिक तकनीक से गर्भ में हत्या कर दी जा रही है।
• किसान जहरीले रसायनों का इस्तेमाल कर पैदावार बढ़ा रहे हैं परन्तु इसमें लोगों के स्वास्थ्य पर नकरात्मक प्रभाव पड़ रहा है|
• विकसित चिकित्सा की मदद से गैर-कानूनी अंग प्रत्यारोपण का व्यापार फल-फूल रहा है|

8. एक संवेदनशील युवा नागरिक की हैसियत से विज्ञान का दुरुपयोग रोकने में आपकी क्या भूमिका है?

उत्तर 

देश के एक संवेदनशील युवा नागरिक की हैसियत से विज्ञान का दुरूपयोग निम्नलिखित प्रकार से रोक सकते हैं-
• बिजली के अनावश्यक प्रयोग को रोक कर हम ऊर्जा की बचत कर सकते हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान ना पहुँचे|
• विज्ञान द्वारा उपजी समस्याएँ जैसे वायरस को हम दूसरों ना फैलाकर इसकी रोकथाम कर सकते हैं|
• हम रैलियों, मीडिया और सेमिनार के माध्यम से समाज में विज्ञान द्वारा उत्पन्न बुराइयों जैसे भ्रूणहत्या, गैर-कानूनी अंग प्रत्यारोपण आदि को रोक सकते हैं|
• हम किसानों को जैविक खेती के बारे में जागरूक कर जहरीले रसायनों के प्रयोग को कम कर सकते हैं|

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