The Story of My Life Ch 4 Summary in Hindi Class 10th

The Story of My Life Ch 4 Summary in Hindi Class 10th- पाठ 4 का सार और शब्दार्थ

सार

मार्च 1887 के तीसरे दिन मिस ऐन सलीवन का केलर परिवार के घर में आगमन हुआ। हेलेन उस समय छः साल नौ महीने की थी। मिस सलीवन के आगमन वाले दिन घर में बहुत चहल-पहल थी जिससे उसे यह अहसास हो रहा था कि आज कुछ असाधारण घटना होने वाली थी।

मिस सलीवन ने हेलेन को पर्किंस इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों की तरफ से एक गुड़िया उपहार में दी जिसके वस्त्र को लॉरा ब्रिजमैन ने तैयार किया था। जब वह गुड़िया से खेल थी तब उसकी शिक्षिका ने उसके हाथों पर d.o.l.l शब्द की वर्तनी लिखी। धीरे-धीरे हेलेन ने कई शब्दों जैसे पिन, हैट, कप, सिट, स्टैंड आदि शब्दों की वर्तनी हाथों पर लिखना सिखा। हर वस्तु का एक नाम होता है, यह बात सिखने में हेलेन को एक सप्ताह का समय लग गया। शिक्षिका ने उसे बताया कि मग और पानी अलग चीज़ें होतीं है परन्तु वे दोनों में अंतर नहीं समझ पा रही थी। गुस्से में उसने गुड़िया को जमीन पटक कर तोड़ दिया।

सलीवन उसे कुएँ के पास ले गईं और उसके हाथ को पानी में डाला और दूसरे हाथ पर w.a.t.e.r वर्तनी लिखी। अब उसे सब समझ आ गया। वापस आने पर उसने गुड़िया के टुकड़ों को जोड़ने का प्रयास किया और अपने किये पर रोयी। समय के साथ उसने कई शब्दों की वर्तनी हाथों पर लिखनी सीखी जैसे - father, mother, sister.

शब्दार्थ

vaguely - अस्पष्ट
• preyed - परेशान करना
• languor - थकान
• passionate - उत्साही
• tangible - वास्तविक 
• anxious - चिंतित
• groped - टटोलना
• plummet - नीचे गिरना
• uncomprehending - समझने वाला
• tussle - संघर्ष
• confounding - चकित 
• seizing - अधिकार
• discomfort - असुविधा
• misty - अस्पष्ट
• crib - पालना

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